खबर हेमंत तिवारी
पाण्डुका(छुरा) /विकासखंड छुरा के एक ग्राम पंचायत में रोजगार गारंटी योजना के तहत बड़ा फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया जिसमें एक सफेद पोस नेता, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक,ताकनिकी सहायक ने मिलकर रोजगार गारंटी योजना का मायने ही बदल दिया विकासखंड छुरा में ऐसे नित नए फर्जीवाड़ा,या गड़बड़ी होना कोई नई बात नहीं है ।पर इस बार इस इस झोल झाल में लगभग 50-60 मजदूरों को बिना काम किया उनके खातों में लगभग 10 से ₹12000 डाला गया है।और उन मजदूरों लगभग 9 से 10 हजार रुपए उनके खातों से निकालवा कर वापस मांग कर रख लिए ।बाकी बिना काम किए उन मजदूरों को घर बैठे कुछ पैसा मिल गया साथ ही कुछ श्रमिकों ने उनको पैसा ही नहीं दिया।

और बातों बातों में इस कारनामे का खुलासा हो गया।जब मीडिया की टीम ग्रामीणों के पास पहुंची तो ग्रामीण हड़बड़ा गए और जिस काम के बदले उन्हें यह पैसा मिला है वहां काम करने नहीं जाने की बात बताई मीडिया की पड़ताल में और अभी बहुत कुछ खुलासे होना बाकी है जिस वजह से संपूर्ण जानकारी साझा नहीं की जा रहा पर जिस शासन काल में यह झोल झाल हुआ है। उसकी सरकार में नीचे से लेकर ऊपर तक के कार्यकर्ता नेता इस गफलत में संलिप्त है। पर मुख्य भूमिका रोजगार सहायक,ग्राम पंचायत सचिव और तकनीकी सहायक की है। यह गलत हो रहा है।यह जानकारी होने के बाद भी इस गड़बड़ झाले में चुप्पी साधे रहे।और किसी को कुछ नहीं बताया। कमीशन के खेल में यह खेल अधिकारी की जानकारी में होते हुए ।दिलचस्पी नहीं दिखाई और सरकार को चुना लगाने माहिर सिस्टम में खेला हो गया।पर छुरा ब्लॉक के जिम्मेदार अधिकारी मुख्यालय में बैठकर निरीक्षण का दावा करते हैं ।और हकीकत में यह अधिकारी एसी रूम से बाहर ही नहीं निकलते जिस वजह से ऐसे कारनामे होते रहते हैं। बहर हाल देखना होगा।की शिकायत के बाद इस पर कार्यवाही होगा या खाना पूर्ति करने में माहिर छुरा विकास खंड की जांच टिम हाथ हिलाते वापस लौट आएंगे।
