रायपुर,,, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के पूर्व सचिव एवं वर्तमान छत्तिसगढ़ विश्वविद्यालयीन पेंशनर्स कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रदीप कुमार मिश्र एवं सचिव तीर्थ राम यादव द्वय प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि प्रदेश के मुख्य सचिव और वित्त सचिव को केवल पत्र ही दे पाए उन दोनों से मुलाकात नहीं हो पाई lउच्च शिक्षा सचिव से सीधे रूबरू होकर विश्वविद्यालय के सेवानिवृत को बताया कि आपके लगभग नौ वर्षो से अधिक हो गए के वि वि के सेवानिवृत कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के सभी एरियर्स और उस के समस्त लाभ मिले हैं किंतु केवल सातवें वेतनमान के आधार पर पेंशन के लाभ से विश्वविद्यालय के कर्मचारीगण वंचित हैं आपके कर्मचारीहित में सकरात्मक पहल और निर्देश पर पेंशन आदेश जारी हो जाय यह निवेदन करने आयें हैं l

विदित हों कि विगत 1 जनवरी 2016 से वि वि के शिक्षकों और कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के आधार पर शासन के आदेशानुसार वेतन और उसके सभी लाभ के साथ एरियर्स लेते हुए वि वि से सेवानिवृत्त हो रहे हैं किंतु इन सेवानिवृत कर्मचारियों का पेंशन निर्धारण शासन द्वारा छठवें वेतन मान के आधार पर किया जा रहा है lगौरतलब है कि 31/12/2015 तक वि वि से सेवानिवृत हुये कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के आधार पर पेंशन देने हेतु शासन ने आदेश जारी करते हुए उसका लाभ सेवानिवृत कर्मचारियों को दे रहा है , जबकि ये कर्मचारीगण अपने सेवा काल में कभी भी एक दिन का भी वेतन सातवें वेतनमान के आधार पर नहीं लिए हैं
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प्रदीप मिश्र ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन के मुखिया मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षामंत्री माननीय विष्णु देव साय जी के साथ साथ वित्त मंत्री जी और शासन के जिम्मेदार अधिकारियों को पत्र दे दिये हैं lछत्तीसगढ़ शासन के मंत्रियों से ब्यक्तिगत रूप से निवेदन करते हुए मांग करेगा कि प्रदेश के सभी वि, वि, के सभी सेवानिवृत कर्मचारियों को सातवें वेतन मान के आधार पर पेंशन देने हेतु शीघ्र आदेश जारी किया जाए l

ज्ञातब्य हो कि नगर निगम रायपुर के कर्मचारियों को भी सातवें वेतन मान के आधार पर पेंशन मिल रहा है केवल प्रदेश के वि वि विश्वविद्यालयों के कर्मचारियों को वंचित रखा गया है जो कि कहीं से भी न्याय संगत नही है l विदित हो कि गुरु घासी दास बाबा जी ने कहा है कि मनखे मनखे एक समान सबके लहू के रंग हे एक समान केंद्र और प्रदेश के शासकीय और अर्धशासकीय विश्वविद्यालयीन कर्मचारियों के बीच कोई अंतर नहीं होना चाहिए प्रदेश में ट्रीपल इंजन की सरकार है हम सभी सेवानिवृत कर्मचारियों ने भी शासन के साथ कंधे से कंधे मिलाते हुए भाजपा की सदस्यता ग्रहण किए हैं एक प्रदेश एक समान पेंशन प्रकरण नीति के तहत पेंशन निर्धारित किया जाए l विगत दिनों नगर निगम चुनाव के अलावा विधानसभा और लोकसभा के चुनाव में सभी विभागों के सभी कर्मचारीगण को एक साथ चुनाव कार्य में लगाया जाता है जिसमें विश्वविद्यालयीन कर्मचारीगण भी काम करते हैं तभी जाकर चुनाव संपन्न होता है तो फिर पेंशन आदेश जारी करते हुए समानता का अधिकार दिया जाय l