खबर हेमंत तिवारी
पाण्डुका / पंचायत चुनाव में जिस तरह पंच सरपंच और जनपद जिला सदस्य का चयन हुआ है। उसमें तरह-तरह के चौंकाने वाले प्रतिनिधि निर्वाचित होकर आए ऐसे में कई गांव तो ऐसे हैं जहां सरपंच बनने के बाद खुशियों का माहौल रहा ऐसे ग्राम पंचायत बोईरगांव में भी देखने को मिला। धमतरी जिले के मगरलोड ब्लाक के अंतिम छोर में बसे ग्राम पंचायत बोईरगांव के आश्रित ग्राम भोभला बाहरा और सराईभदर है। जहां ग्राम पंचायत के ग्रामीण और मतदाताओं के ऐसी सहमति है कि इन तीन ग्राम में हर 5 साल में सामंजस्य और आपसी सहमति के तहत एक ग्राम को हर 5 साल में सरपंच अपने गांव से चुनने का अधिकार होता है।चाहे वो गांव वाले निर्विरोध चुने या चुनाव लड़े फैसला उसी गांव के लोगों के ऊपर होता है।

तो इस बार इस ग्राम पंचायत के अंतर्गत ग्राम सराईभदर को अपने गांव से सरपंच चुनने का अधिकार मिला था जहां ग्राम विकास समिति के द्वारा निर्विरोध रूप से गांव के वरिष्ठ नागरिक उत्तम ध्रुव को बैठक में निर्विरोध चयन कर दिया गया पर गांव के कुछ लोगों को गांव का यह फैसला रास नहीं आया तो उन्होंने नामांकन के तीन दिन पहले जाकर नामांकन दाखिल कर दिया इसके बाद गांव वालों के पास और ग्राम पंचायत के पास विकल्प नहीं बचा फिर मतदान होना तय हुआ जिसमें उत्तम ध्रुव के समर्थकों ने पूरे तीनों गांव में अपने कार्यकर्ता और समर्थकों के साथ मिलकर प्रचार प्रसार करने तैयार किया और इस तरह उत्तम ध्रुव सरपंच चुनाव जीत गया

हालांकि विरोधी विपक्षी में ईश्वर राम ने नामांकन दाखिल किया था जिन्हें चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा और उत्तम ध्रुव विजय होकर तीनों गांव में अपना शोभायात्रा निकालकर आम जनता और मतदाताओं का आभार व्यक्त किया। और आम जनता को धन्यवाद ज्ञापित किया। और इस तरह वह अपने गांव का प्रथम सरपंच बनने का गौरव प्राप्त किया
