वि, वि, के सेवानिवृत शिक्षक / कर्मचारीओ को जनवरी माह का आज ग्यारह दिन होने के बाद भी पेंशन नहीं मिलने से जताया विरोध ,,

रायपुर,, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के पूर्व अध्यक्ष श्रवण सिंह ठाकुर और कर्मचारी संघ के पूर्व सचिव एवं वर्तमान छत्तिसगढ़ विश्वविद्यालयीन पेंशनर्स कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रदीप कुमार मिश्र ने बताया कि विगत जनवरी 2025 का शिक्षकों और कर्मचारियों को पेंशन नहीं मिलने से सभी वर्ग के पेंशन भोगी कर्मचारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है इन कर्मचारियों को प्रतिमाह राशन के साथ साथ अपने और अपनी पत्नी एवं परिवार के लिए राशन और महीने भर की दवाइयों की ब्वस्था कैसे कर रहे है वे ही जानते है। कोई ब्याज में उधार लेकर अपना परिवार चला रहा है तो कोई पेंशन मिलने की उम्मीद में उधार पर उधार ले रहा है,,,उधार देने वाला ब्याज और मूलधन नहीं मिलने से उधार देना भी बंद कर दिया है साहूकारों ने तो कर्मचारियों के सेवानिवृत होते ही घर और समाज में उधार देने से लोग कतराते है । वि, वि, के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की हालत बद से और बदतर हो गई है ।

प्रदीप मिश्र ने बताया कि छत्तिसगढ़ शासन के मुखिया मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री विष्णु देव साय के साथ साथ शासन के जिम्मेदार अधिकारियों को शीघ्र ही पत्र देकर निवेदन करते हुए मांग करेगा कि प्रदेश के सभी वि, वि, के सभी सेवानिवृत कर्मचारियों को नियत समय पर पेंशन मिलने के लिए वार्षिक बजट में विशेष प्रावधान करने की ब्वस्था शासन करे इसके लिए नगर निगम चुनाव के बाद शीघ्र ही एक प्रतिनिधि मंडल मिलेगा , ताकि सभी सेवानिवृत कर्मचारी भाई बहन अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखते हुए अपने परिवार की जिम्मेदारीयों का निर्वहन कर सकें।

ज्ञातव्य हो कि छत्तिसगढ़ प्रदेश के सभी वि वि के सेवानिवृत समस्त कर्मचारीगण मांग करते हैं की शासन के सेवा निवृत कर्मचारियों की भाँति विश्वविद्यालयीन को भी सातवें वेतन मान के आधार पर पेंशन आदेश जारी किया जाना सुनिश्चित किया जाये ।

गुरु घासी दास बाबा जी ने कहा है कि मनखे मनखे एक समान सबके लहू हे एक समान केंद्र और प्रदेश के शासकीय और अर्धशासकीय विश्वविद्यालयीन कर्मचारियों के बीच कोई अंतर नहीं होना चाहिए अभी नगर निगम चुनाव के अलावा विधानसभा और लोकसभा के चुनाव में सभी विभागों के सभी कर्मचारीगण को एक साथ चुनाव कार्य में लगाया जाता है जिसमें विश्वविद्यालयीन कर्मचारीगण भी काम करते हैं तभी जाकर चुनाव संपन्न होता है तो फिर पेंशन आदेश जारी करने में भेद भाव क्यों किया जाता है

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