कांकेर। नक्सल मोर्चे पर तैनात बीएसएफ जवानों के कोरोना संक्रमित होने का सिलसिला जारी है और जिले में कोरोना संक्रमित बीएसएफ जवानों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। बुधवार को अंतागढ़ क्षेत्र में बीएसएफ के दस और जवान कोरोना संक्रमण का शिकार हो गए हैं। बीएसएफ जवानों में कोरोना का बढ़ता संक्रमण चिंता का विषय बनाता जा रहा है। जिले में अब तक 158 लोगों कोरोना पॉजिटिव मिले हैं, जिसमें कोरोना से संक्रमित बीएसएफ जवानों की संख्या 92 है। कांकेर के नक्सल प्रभावित जिला होने के चलते प्रभावित क्षेत्रों में बीएसएफ के कैंप हैं, जिनमें बड़ी संख्या में बीएसएफ के जवान पदस्थ हैं। नक्सलियों से लोहा लेने वाले इन जवानों को अब कोरोना संक्रमण का सामना भी करना पड़ रहा है। बुधवार को अंतागढ़ क्षेत्र में रैपिड एंटीजन टेस्ट में बीएसएफ के 10 जवानों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसमें पोटगांव बीएसएफ कैंप के नौ जवान पॉजिटिव आए हैं। स्वास्थ अमले ने कैम्प में जाकर ही इन जवानों को रैपिड एंटीजन टेस्ट किया था, जिसके बाद इनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।वहीं टेमरूपानी बीएसएफ कैम्प में एक जवान की तबीयत खराब होने और उसे सर्दी-खांसी व बुखार आने पर बुधवार को अंतगाढ़ अस्पताल लाया गया था। कोरोना के लक्षण दिखाई देने पर बीएसएफ के जवान को रैपिड एंटीजन टेस्ट किया गया। इसमें उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अंतागढ़ बीएमओ अशोक संभाकर ने बताया कि टेमरूपानी में कितने जवान छुट्टी से लौटे हैं। इसकी जानकारी स्वास्थ विभाग को नहीं दी गई थी।
टेमरूपानी में नजर आ रहे ज्यादा लक्षण
टेमरूपानी में जवान को ज्यादा लक्षण नजर आने पर भर्ती कराया गया था। साथ ही यह भी बताया गया कि दो-तीन जवान और हैं, जिनमें लक्षण दिखाई दे रहे हैं। जिनका सैम्पल लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा। पोटगांव में 27 जवानों में सर्दी खांसी व बुखार जैसे लक्षण थे, जिसके चलते 27 जवानों का रैपिड एंटीजन टेस्ट किया गया। जिसमें 9 जवान पॉजिटिव मिले हैं।
34 जवानों की टेस्ट रिपोर्ट आएगी पांच दिनों में
पोटगांव के 34 जवानों को आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए सैम्पल लेकर जगदलपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट 4 से 5 दिन में प्राप्त होती है। इन जवानों में किसी प्रकार के लक्षण नहीं थे। संक्रमितों के कांटेक्ट ट्रेसिंग का कार्य चल रहा है, जिसके बाद इन्हें उपचार के लिए कोविड अस्पताल भेजा जाएगा।
