वृंदावन धाम की सुश्री अंशिका देवी की भागवत महापुराण का अंतिम दिवश आज

पाटन। ……ग्राम महुदा मे बह रहे भागवत गीता रसपान का अंतिम दिवश आज लगातार सात दिनो से सुश्री अंशिका देवी के मधुर स्वरो से भागवत गीत का रसपान कर रहे ग्राम वासी देवी अंशिका ने बताया की महाभारत में श्रीकृष्ण और जरासंध के बीच युद्ध हुआ था. जरासंध, मगध का राजा था और कंस का ससुर था. कंस के वध के बाद जरासंध ने श्रीकृष्ण से बदला लेने के लिए कई बार मथुरा पर हमला किया था हालांकि, हर बार श्रीकृष्ण ने जरासंध को हराया था, लेकिन उसे मारने से इनकार कर दिया था श्रीकृष्ण और जरासंध के बीच के युद्ध से जुड़ी कुछ खास बातें जरासंध, श्रीकृष्ण को अपना परम शत्रु मानता था जरासंध श्रीकृष्ण और बलराम को मारने के लिए 17 बार मथुरा पर हमला किया था। श्रीकृष्ण ने जरासंध को मारने के लिए भीम और जरासंध के बीच मल्लयुद्ध कराया था इस युद्ध में भीम और जरासंध दोनों ही गदा युद्ध में परम प्रवीण थे भीम जब भी जरासंध के शरीर के दो टुकड़े करते, तो दोनों हिस्से फिर से जुड़ जाते थे श्रीकृष्ण ने भीम को संकेत दिया कि जरासंध के शरीर के दोनों हिस्सों को अलग-अलग दिशाओं में फेंके भीम ने श्रीकृष्ण का संकेत समझा और जरासंध का वध कर दिया।

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