दुर्ग। शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्वशासी महाविद्यालय दुर्ग में डिपार्मेंट आफ सोशल वर्क द्वारा एक दिवसीय कैरियर काउंसलिंग ऑन हैंडीक्राफ्ट विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया जिसमें अतिथि प्रवक्ता के रूप में श्रीमती ललेश्वरी साहू, अध्यक्ष जीविका स्व सहायता समूह बोरसी उपस्थित हुई l श्रीमती साहू ने बताया कि किस प्रकार से अपने छिपी हुई प्रतिभा के माध्यम से युवा साथी एवं महिलाएं स्वयं का रोजगार करके अपने बेरोजगारी को दूर कर सकते हैं? देश में युवाओं की क्या भूमिका होनी चाहिए? एक समाज सेवक, देश निर्माण में क्या योगदान दे सकता है ? श्रीमती साहू ने अपने व्याख्यान में कहा कि वर्तमान समय में सभी को शासकीय नौकरी मिलना संभव नहीं है l ऐसे में देश में बेरोजगारी बढ़ रही है जो की बहुत ही गंभीर समस्या है l आज पढ़े-लिखे युवाओं को रोजगार इसलिए भी नहीं मिल पा रहा क्योंकि वह किसी भी काम को करने के लिए स्वयं को असहज महसूस करते हैं l

प्रायः देखने में आता है कि या तो वे अप्रशिक्षित होते हैं या उन्हें कार्य करने का कोई भी अनुभव नहीं होता जिसके कारण निजी क्षेत्र में कार्य करने को मजबूर होना पड़ता है माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा सशक्त भारत एवं महिला स्वावलंबन की बात कही जाती है जिसका अनुसरण करते हुए आज जीविका समूह धान से बैच बनाकर अपनी पहचान बनाई है l वर्तमान समय तक लगभग 10 लाख रुपए तक के धान बैच विक्रय कर चुके हैं l धान शिल्प में आज 10000 अप्रशिक्षित महिलाओं को प्रशिक्षित कर चुकी है l आज हमारी बहनें धान से राखी, ज्वेलरी, सीनरी एवं अन्य शिल्प बनाकर अपनी आजीविका चला रही है l हमने इसी कला के माध्यम से भारत निर्वाचन आयोग के मतदाता जागरूकता कार्यक्रम में धान बैच में चुनई चिरई बनाकर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना स्थान बनाया है l जीविका समूह विभिन्न सामाजिक कार्य जैसे पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य शिविर, युवा कैरियर गाइडेंस, रक्तदान शिविर, नशा मुक्ति अभियान के माध्यम से जन जागरण का प्रयास कर रही है l आज देश के युवाओं को सभी क्षेत्र में आगे आने की आवश्यकता है ताकि देश के स्वर्णिम भविष्य का निर्माण हो सके l
