खबर हेमंत तिवारी
पाण्डुका/पंचायत चुनाव सर पर है। और ऐसे में चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी फूक फूक कर कदम रख रहे हैं ।ताकि उनका पुराना पाप या पुराना कारनामा पब्लिक के सामने ना आ जाए ।जिससे उन्हें चुनाव में भारी नुकसान झेलना न पड़े पर पांडुका अंचल के एक ग्राम पंचायत में पूर्व सरपंच ने नौकरी लगाने के नाम से अपने ही पंचायत क्षेत्र के कुछ बेरोजगारों से ढाई ढाई लाख रुपए वसूल लिए और संविदा की नौकरी लग भी गया पर नौकरी ऐसा जिसकी आगे कोई गारंटी नहीं पैसा देने के बाद अब 3 महीने की ड्यूटी कर चुके।एक बेरोजगार युवक और उसके परिवार पछता रहे हैं।तथा उसने सारी बातें मीडिया को बताया और उन्होंने पूर्व सरपंच के पास पैसा वापस करने के लिए लाख मिन्नते भी की पर सरपंच साहब आज भी गारंटी दे रहे हैं कि मैंने जिले के जिस कांग्रेसी नेता को पैसा दिया है।वे आप लोग का नौकरी रेगुलर करवाएंगे और 3 माह के वेतन का भुगतान के लिए भी आप लोग का कागज उपर भेजा जा चुका है।

जो बहुत जल्दी वेतन जारी हो जाएगा इस तरह पूर्व सरपंच का यह कारनामा बहुत जल्दी उजागर होने वाला है। साथ ही इस कारनामे में अंचल के एक ग्राम पंचायत के 10 लोगों की नौकरी लगी है जिसमें एक ही परिवार के 2 से 3 घुसे है। जिसमें एक शिक्षक और एक चपरासी और पूर्व सरपंच एजेंट काम किए।और जिले के एक कांग्रेसी नेता जो इनका मुखिया है उसने अहम भूमिका निभाई है। जिनके घर में लाखों रुपए की लेनदेन की गई ।तथा विभाग के एक बाबू साहब के साथ मिलकर पूरे जिले में करोड़ों की यह गड़बड़ियों की गई तो कई बेरोजगार तो ऐसे हैं जिन्हें 7 से 8 मा हो गया ड्यूटी करते रहे। जिनको आज तक उनका वेतन नहीं मिला है। ऐसे में बिना किसी कागजात के पूर्व सरपंच साहब, शिक्षक और चपरासी एजेंट बनकर बेरोजगार तलाशते रहे किसी से ढाई लाख तो किसी से 3 लाख लेकर कांग्रेसी नेता के दरबार में पेश होकर शहंशाह की तरह बैठे बाबू साहब के हवाले बेरोजगारों को परोसा गया ।इसमें इनके जिला सहित अन्य जिले के बेरोजगार लोग भी लाखों रुपया गवाने के बाद अब इन बेरोजगारों को अच्छी तरह से समझ आ चुका है। कि झाड़ू मारने, बर्तन साफ और कपड़ा धोने में हमारा भविष्य नहीं है इससे अच्छा तो कोई खुद का व्यवसाय करते हैं या घर का खेती ही करते पर लाखों रुपया देकर गंदे कपड़ा धो रहे हैं। खाना बना रहे हैं झाड़ू, पोछा लगा रहे हैं इसलिए जितना पैसा दिए उनसे या तो परमानेंट नौकरी करवाओ या फिर पैसा वापसी की मंशा लिए कई बेरोजगार बहुत जल्द इसकी शिकायत करने के मूड में है। लाखों रुपए हजम करने वाले कांग्रेसी नेता भी चुनाव लड़ने वाले हैं।ऐसे में उनका यह कारनामा गले की फंस न बन जाए।एक पीड़ित आवेदक की माने तो उल्टे बेरोजगारों को ही रिपोर्ट करने की धमकी दे रहा है साथ ही पूर्व में यह मामला उजागर होने वाला
था ।

उस समय छुरा अंचल के एक तथाकथित पत्रकार को इस मामले को दबाने के लिए लाखों रुपए भी पेशगी देने का बात सामने आ रहा है। ऐसे में चुनाव सर पर है। अब पूर्व सरपंच साहब चुनाव लड़ने के मूड में है ।तो क्या ऐसे में पूर्व सरपंच साहब चुनाव जीतने में सफल हो पाएगा या उनके पंचायत क्षेत्र की जनता उसे सबक सिखाएंगे। यह तो आगे पता चलेगा।।
