शिव ही देवताओं और मनुष्यों के दुख तकलीफ को हरने वाला पुरे सृष्टि में एक है-पंडित संतोष अवस्थी महराज

ग्राम चुनकट्टा में चल रहे भागवत कथा के तीसरे दिन लोगों की रही भीड़

सेलूद। समीपस्थ ग्राम चुनकटूटा में स्व. श्री तिहारू राम ठाकुर जी की स्मृति में ठाकुर परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन प्रवचनकर्ता उमरपोटी भिलाई निवासी पंडित संतोष अवस्थी ने विदुर प्रसंग सृष्टि-वर्णन, शिव कथा का विस्तार से वर्णन किया । विदुर प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि दुर्योधन द्वारा रची गई साजिश से कई मौके पर उन्हें मृत्यु से बचाया था। विदुर ने कौरवों के दरबार में द्रौपदी के अपमान का विरोध किया था। कुरुक्षेत्र युद्ध के दौरान विदुर धर्म और पांडवों के पक्ष में थे। भगवान श्रीकृष्ण के अनुसार, विदुर को यम (धर्म) का अवतार माना जाता है। शिवकथा के बारे बतलाते हुए पंडित जी ने कहा कि जब समुद्र मंथन से विष प्राप्त हुआ,तो देवताओं और असुरों में हाहाकार मच गया कि कौन विष ग्रहण करेगा । उस समय भगवान शिव ने तीनों लोकों की रक्षा हेतु विषपान किया। सारे ब्रम्हांड में एक भगवान शंकर ही है जो विपत्ति के समय देवताओं और मनुष्यों सारे कष्ट पाप दुख तकलीफ को हर लेता है
विष पान के चलते भगवान शिव के गले में जलन होने लगा। उनका शरीर तपने लगा। यह देख देवी-देवता व्याकुल हो उठे। तब देवताओं ने भगवान शिव को अपने शीश पर चंद्रमा धारण करने की सलाह दी। चंद्रमा शीतलता प्रदान करता है। अतः भगवान शिव ने अपने शीश पर चंद्रमा को धारण किया। कथा का समय दोपहर 1 बजे से शाम 05 बजे तक और कथा स्थान कला मंच चुनकट्टा के पास आयोजन हो रहा है।


इस अवसर पर श्रोता गोपाल ठाकुर, अनंत, ईश्वरी, गोकुल, राजेन्द्र, प्रकाश, फिरोज, बिहारी, धर्मेन्द, प्रदीप, नरेश, शेखर, दुष्यंत, राजू, खिलेश, टोमन, निलू, ओमू, रोहित, पिन्टू, कामू, भूषण, गोलू उर्मिला ठाकुर विष्णु कोड़प्पा शिवम कोड़प्पा दिलेश्वर ठाकुर श्रीमति बिन्दू ठाकुर विरेद्र ठाकुर श्रीमति बिन्दू ठाकुर श्रीमति मेनका राजेश ठाकुर शुभम एकता हर्षद, रोहन, विभा, आशुतोष, काव्या, दिव्यांश
सोनू रॉय, लक्ष्मण यादव, रुखमज यादव, सोनमणि यादव, रामजी देवांगन ग्राम वासी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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