रायपुर। अविभाजित राज्य मध्य प्रदेश में कर्मचारी संघ के भीष्म पितामह पूर्व प्रांताध्यक्ष श्रद्धेय विजय कुमार पाठक जी का 94 वर्ष के आयु में दुखद निधन हो गया। उन्होंने हमारे जैसे हजारों कर्मचारियों को संगठन में जोड़ा और क ख ग से लेकर नेतृत्व कर्ता के रूप में प्रशिक्षित किया। कामरेड पाठक छत्तीसगढ़ के कर्मचारी जगत के बब्बर शेर थे। अनेक वेतनमानों के लिए आंदोलन का उन्होंने नेतृत्व किया। संशोधित वोरा वेतनमान दिलाने का श्रेय पाठक जी को जाता है। समाजवादी विचारधारा के प्रति प्रतिबद्ध संगठन के प्रति उनकी दिल से लगाव ही उन्हें आंदोलन के पंडाल तक इस उम्र में भी खींच लाता था। वे हमेशा संगठन की ही चिंता करते थे। विजय कुमार पाठक जी विशाल व्यक्तित्व के धनी, कायदे कानून के जानकार ,लोकल फंड ऑडिट रायपुर से अधीक्षक के पद से सेवानिवृत हुए थे। वे रायपुर से विधानसभा का चुनाव भी लड़े थे। कर्मचारी नेता व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पी आर यादव, एवं विजय कुमार झा ने कहा है कि हम व्यक्तिगत तौर पर कह सकते हैं कि संगठन में हमें उन्होंने उंगली पड़कर चलना सिखाया और इस मुकाम तक पहुंचाया। 94 वर्ष की उम्र में एक दिन भी बिस्तर नहीं पकड़े और चलते-फिरते इस दुनिया से विदा हो गए। हम व्यक्तिगत तौर पर और संगठन की ओर से उन्हें सादर नमन करते हुए श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं। उनका अंतिम संस्कार दोपहर महादेव घाट मुक्तिधाम में संपन्न हुआ। उनके निधन पर फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा, प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष जी आर चंद्रा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पी आर यादव, विजय कुमार झा, प्रमोद तिवारी, सी एल दुबे,संजय शर्मा, राजकुमार अवस्थी राजू दुबे ज्ञानेश तिवारी, ब्राह्मण समाज की ओर से विनय तिवारी आदि ने शोकसभा में उनके कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए, विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री झा ने कहा ऐसे कर्मठ व्यक्ति मरते नहीं बल्कि अमर हो जाते हैं। वे कृष्णा पाठक एवं नगर निगम पूर्व जोन कमिश्नर महेंद्र पाठक के पिता थे।
विजय कुमार पाठक अमर रहे-विजय झा*
