रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के शासकीय अधिकारी कर्मचारियों एवं पेंशनरों ने 31 जुलाई आयकर जमा करने की अंतिम तिथि में पूरे प्रदेश के लोक सेवको ने करोड़ों रुपए आयकर जमा किए हैं। दूसरी ओर कर्मचारी संगठन महंगाई भत्ता की मांग कर रहा है। आंदोलन की चेतावनी सूचना भी दी जा रही है। कर्मचारी नेता विजय कुमार झा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मांग की है कि प्रदेश के शासकीय सेवक अधिकारी कर्मचारी एक नंबर में बिना किसी नोटिस सूचना के वेतन से कटौती कर आयकर जमा करते हैं। सबसे सरल सुगम आयकर दाता केवल शासकीय सेवक हैं। जिसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार भी किया था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार के राजकोष में आयकर के रूप में करोड़ों रुपए 31 जुलाई रात से 12 बजे तक जमा हुए हैं। श्री झा ने कहा है कि तेरा तुझको अर्पण की नीति के तहत कर्मचारियों का पैसा ही कर्मचारियों को 4 प्रतिशत महंगाई भत्ता 1 जनवरी 24 से देय है, उसे एरियर्स सहित तत्काल घोषणा करने की मांग की गई है ताकि आंदोलन विरोध प्रदर्शन के बाद दिए जाने से उसकी मिठास काम हो जाता है इसलिए 6 अगस्त को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के रैली प्रदर्शन के पूर्व महंगाई भत्ता की घोषणा किया जावे। क्योंकि केंद्रीय कर्मचारियों को 1 जनवरी 24 से 4% महंगाई भत्ता मिलने पर 46% से बढ़कर 50 प्रतिशत हो गया है। वहीं राज्य सरकार के कर्मचारी व पैशनर अभी भी 46% में अटके हुए हैं। बाजार एक, महंगाई एक, शहर एक, फिर महंगाई भत्ता में अंतर भेदभाव की नीति का परिचायक है। इसके लिए वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी जिन्हें स्वयं महंगाई भत्ता मिलता था तथा महंगाई भत्ता का महत्व समझते हैं, भागीरथी प्रयास करेंगे। ताकि प्रदेश के कर्मचारी आंदोलनात्मक अप्रिय निर्णय न ले सके।
