मौली पारा मोहल्ले में 48 से ब्लैक आउट जानकारी देने के बावजूद भी बिजली व्यवस्था सुधारने नहीं पहुंच रहे अधिकारी कर्मचारी,,,,,,,,,,,,,,

खबर हेमंत तिवारी


पांडुका/ अंचल के ग्राम पंचायत तौरंगा के मौली पारा में पिछले 48 घंटे से बिजली नहीं है जिसकी जानकारी गरियाबंद विद्युत विभाग के अधिकारी एवं पांडुका कनिष्ठ यात्री सहित आंचल की बिजली व्यवस्था देखने वाले दैनिक कर्मचारी को भी दी गई पर जाने क्यों इस मोहल्ले वासियों से ऐसे क्या परेशानी है की इनकी समस्या को नजर अंदाज किया जा रहा है । क्यों की यहां बिजली व्यवस्था कभी भी समय पर नहीं सुधारते बार-बार फोन करने के बाद भी ध्यान नहीं दिया जाता पिछले दो दिन से इस तरह दिन रात लालटेन युग में मोहल्ले वासी जीने को मजबूर है। बता दे की इससे पहले जब पोंड सब स्टेशन होता था तब ऐसी बिजली की कटौती नहीं होती थी।पर जब से सांकरा सब स्टेशन बनाया गया है। तब से यह सिरदर्द बना हुआ है।बिजली कटौती विद्युत विभाग की संस्कार में शामिल हो गया है। लो वोल्टेज की समस्या आम तौर देखने को मिलता है। माता जतमई के लिए बनाए गए जतमाई फीडर में बिजली व्यवस्था का इतना बुरा हाल है की इस नाम से बनाए गए। फिडर से मां जतमाई का नाम खराब हो रहा है। क्यों कि 12 घंटे में 7 घंटे भी मुश्किल बिजली रहती हो बाकी 5 घंटे रोज इस तरह बिजली कटौती होती है और इस फीडर से पिछड़ी जनजाति का गांव कुसुमपानी, तौरेंगा का मौली पारा सहित आश्रम शाला को की बिजली जोड़ दी गई है जिसमें आए दिन बिजली गुल की समस्या बनी रहती है ।लगभग एक माह पूर्व बरसात लगने से पहले मोहल्ले वासियों ने कलेक्टर जनदर्शन में अपनी इस समस्या की निपटारे के लिए अर्जी दी थी पर जिले का कलेक्टर जनदर्शन भी सुपर फ्लॉप साबित हो रहा है ।जहां समस्या के निराकरण नहीं होता केवल खाना पूर्ति के लिए जन-चौपाल का दुकान सजाया जा रहा है मोहल्लेवासी अब ग्रामीणों की मदद से केवल कार्यालय घेराव या चक्का जाम की रूपरेखा बना रही है क्योंकि मौली पारा सहित गांव में भी लो वोल्टेज की समस्या से ग्रामीण जूझ रहे हैं। कनिष्ठ यात्री जानकर भी अंजान बनी रहती हैं। कभी-कभार फोन उठा ले तो बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने की बात कहते हैं पर व्यवस्था दुरुस्त नहीं होते हैं वहीं जिस दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को इधर की बिजली व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है ।वह भी केवल खाना पूर्ति करते हुए व्यवस्था सुधारने में दिलचस्पी नहीं दिखाता है। साथ ही इस बात की जानकारी अभियंता को भी व्हाट्स के माध्यम से दी जाती हैं। पर वह भी इस समस्या का निराकरण में ध्यान नहीं दे रहे।ऐसे में एक बार फिर लोग अपना मोबाइल चार्ज करने के लिए दूसरे मोहल्ले में जाना पड़ता है।पीने का पानी भी दूसरे मोहल्ले से भरकर ला रहे हैं नहाने की व्यवस्था के लिए नदी नाले का सहारा तो ले ही रहे पर बिजली नहीं होने से पानी की किल्लत हो गई है जंगल से घिरे होने की वजह से मोहल्ला में सांप बिच्छू जहरीले जीव जंतु का निकलना आम बात है ।

बिजली विभाग से आम उपभोक्ता 24 घंटे बिजली मिलने का उम्मीद रखता है पर यह पांडुका कनिष्ठ यंत्री के रूप में महिला अधिकारी को यहां पर पदस्थ किए है तब से बिजली व्यवस्था और लचर हो गई है इससे पहले जब पुरुष अधिकारी रहते थे ।तो आधी रात को आकर भी बिजली व्यवस्था सुधार कर जाते थे पर जब से महिला अधिकारी यहां पर पदस्थ हुई है तब से बिजली व्यवस्था भगवान भरोसे है। जिले में आवेदन देने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रहा तो अब मुख्यमंत्री जनदर्शन में आवेदन देने की सोच रहे है। बारिश के पूर्व इस समस्या से अवगत करा दिया गया था इसके बाद भी इस समस्या निराकरण में नाकाम साबित हो रहा बिजली विभाग केवल कार्यालय में बैठकर समय काट रहे और सरकारी डीजल जला कर मॉनिटरिंग कर रहे हैं पर व्यवस्था जस की तस बनी हुई है।

और तो और विभाग द्वारा किसी प्रकार का कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नही किया जा रहा है।
,,,,जब इस बारे में कनिष्ठ यंत्री पांडुका नेहा मताले को पूछा गया तो उन्होंने बताया की मोहल्ले वालो का कलेक्टर जनदरर्शन में लगे आवेदन की जानकारी प्राप्त हुआ है।इसके लिए अप्रूवल उच्च कार्यालय में भेज दिया गया है। थोड़ा समय लगेगा तब तक के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाए जायेगा।


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