35 वर्षो से चना ,मुर्रा, पापड़ी ,भजिया बेचकर पैसा इकट्ठा कीअब करवा रही श्रीमद भागवत कथा का आयोजन

खबर हेमंत तिवारी

पांडुका/ आज के आधुनिक समय में लोग अपने कमाई का हिस्सा अपने स्वयं के आधुनिक सुख सुविधाओं में खर्च करते हैं तथा समाज में कुछ कम लोग ही होते है।जो धार्मिक आयोजन का विचार करते है ।और धर्म का काम करने में रुचि रखते हैं पर ग्राम पोंड के 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला मान कुंवर जो गांव के बाजार में पिछले लगभग 35 सालो से पापड़ी चना मुर्रा और भजिया बेचकर पाई पाई जमा कि और अपने नाती नातिन की शादी कराई फिर सांसारिक जीवन में अपनी जिम्मेदारी निभाने के बाद इन दिनों गांव में श्री मद भागवत कथा का आयोजन करवा रही है गांव के साप्ताहिक बाजार जो मंगलवार और शनिवार को लगता है उसमें लगभग 35 वर्षों से यह बुजुर्ग महिला पैसा जमा कर धर्म के कार्य को बढ़ाते हुए श्रीमद् संगीत में भागवत का आयोजन करवा रहे हैं।जिसका आयोजन 9मई से 17 मई तक होना है।

कथा का भगवताचार्य पंडित सुरेंद्र महाराज जी सोरम (धमतरी वाले) के श्री मुख से श्री मद भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ सप्ताह का रसपान कराया जा रहा है।इस आयोजन में मुख्य आयोजन मानकुंवर धीवर है तथा समस्त कोसरिया परिवार वा ग्राम वासियों का सहयोग मिल रहा है।और मुख्य यजमान के रूप में मानकुंवर के बेटा होरीलाल तारक धर्म पत्नी उषा बाई, छोटा बेटा कुशल राम धर्म पत्नी टीलाबाई , साथ ही उनके नाती सहित भेमन तारक पत्नी दुर्गा तारक ,तामेश्वर तारक पत्नी पुष्प तारक, टिकेश्वर तारक संगीता तारक है इसी तरह पूरे तारक परिवार द्वारा यह आयोजन किया जा रहा है

जिसमें प्रथम दिन कलश यात्रा, बेदी पूजा , गौ कर्ण पूजा के साथ पंडित भगवताचार्य द्वारा अपने श्री मुख से भगवान श्रीमद् भागवत मंगलाचरण, सुखदेव परीक्षित जन्म सहित कपिल चरित्र ध्रुव कथा ,प्रिय व्रत चरित्र ,भरत चरित्र गजेंद्र मोक्ष समुद्र मंथन राम ,कृष्ण जन्म सहित मंगलवार को भगवान श्री कृष्ण का जन्म उत्सव ,पूतना उद्धार एवं माखन चोरी की लीलाएं का वर्णन किया गया इसी तरह 17 मई तक होने वाले इस आयोजन में महारास , कंश उद्धार ,रुक्मणी विवाह, श्री सुदामा चरित्र सहित परीक्षित मोक्ष और तुलसी वर्षा और गीता उपदेश के साथ विष्णु यज्ञ के अलावा 17 मई को पूर्ण आहुति की जाएगी यह जानकारी देते हुए भेमन तारक ने बताया कि दादी अपने जीवन में थोड़ा थोड़ा पैसा इकट्ठा कर यह आयोजन करवा रहे हैं जिसका लाभ हमारे पूरे। धीवर परिवार को मिलेगा क्योंकि भगवान की कृपा से ही यह संभव हो पाया और दादी की मेहनत का परिणाम है कि हमें उनका आशीर्वाद प्राप्त हुआ है।। और इस भीषण गर्मी में लोग श्रीमद् भागवत कथा का रसपान करने गांव सहित आसपास के गांव के लोग पहुंच रहे हैं कथा का आयोजन दोपहर 12 बजे से लेकर हरिच्छा तक चलता है।

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