खबर हेमंत तिवारी
राजिम/गरियाबंद जिले में मोदी की गारंटी का असर देखने को नहीं मिल रहा है।जिस कारण कई लोगो।इसका लाभ प्राप्त नहीं हो रहा।एक तरफ केंद्र सरकार पूरे देश में फ्री में राशन दे रहे हैं तो उसका क्रियान्वयन करने वाले राशन दुकान के सेल्स मेन, ग्राम पंचायत सरपंच, खाद्य विभाग वा जिला प्रशासन अपनी जिम्मेदारियां से मुंह मोड़ रहे है।

ऐसा ही एक मामला जिले के फिंगेश्वर विकासखंड के ग्राम पंचायत धूरसा में देखने को मिला है जहा एक 80 साल के बुजुर्ग घसीया राम को लगभग 1 साल से राशन नहीं दिया जा रहा है।मजबूरी वस जीवन जीने के लिए बुजुर्ग को अपने ही गांव में घर घर भीख मांग कर जीवन यापन करना पड़ रहा है। यह सब ग्राम पंचायत के राशन दुकान के सेल्स मेन वा सरपंच की मनमानी से हुआ है।जिम्मेदारों का कहना है कि उसका अंगूठा पोस मशीन में नहीं बताने की वजह से उसको राशन नहीं दिया जा रहा ।जबकि नियम कि बात की जाए तो अगर किसी व्यक्ति का अंगूठा मशीन में नहीं बता रहा तो उसके लिए गांव के किसी जिम्मेदार व्यक्ति पंच या पड़ोसी या उसके घर परिवार में किसी जिम्मेदार इंसान को उत्तराधिकारी बनाकर उसको राशन देना है।ताकि प्रदेश में कोई भूखा न सोए और शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सके पर यहां सरपंच और सेल्समेन द्वारा जान बुजकर भी अंजान बने बैठे रहे और बुजुर्ग को भीख मांग कर जीने पर मजबूर कर दिया। किसी तरह मामले की खबर मीडिया तक पहुंची तो मौके पर ग्राम पंचायत धुर्सा के घसिया राम जिन्हे गांव में दल्लू राम के नाम से जाना जाता है। बुजुर्ग ने अपनी आप बीती मीडिया को बताया।घर में देखने पर उसके पास एक खाट ,कुछ कपड़े दो-चार बर्तन और एक छोटा सा चूल्हा दिखा इसके अलावा उसके पास कुछ नहीं था पूछने पर बताया कि शरीर काम नहीं करता बुजुर्ग हो गया हूं। और मुझे साल भर से राशन नहीं मिल रहा है ।भीख मांग कर जीवन चल रहा है जब तक चलेगा तब तक जिऊंगा कुछ लोग दया कर कुछ दे देते हैं तो जिंदगी चल रहा है।राशन कार्ड है पर किसी काम का नही ग्राम के सरपंच के पास कई बार अपनी फरियाद लेकर गया पर वह मेरी नहीं सुनता जिस कारण से अब शासन प्रशासन और ग्राम पंचायत से आशा करना बेकार है।सोचकर गांव में ही भीख मांगता हूं ।मुश्किल से चार-पांच माह में एक बार पेंशन मिलता है उसी में कभी-कभी कुछ सामान खरीद लेता हूं घर में पानी की सुविधा नहीं है । शौचालय ठीक-ठाक नही है जिस वजह से बहुत मुश्किल से शौच के लिए बाहर जाना पड़ता है पत्नी की मृत्यु के बाद मैं अकेले ही रह रहा हूं हालांकि मेरे बेटे हैं बेटियां शादी होकर चली गई पर सब के होते हुए भी मैं एकाकी जीवन जी रहा हूं।अगर राशन मिलना चालू हो जाए तो मेरी बहुत बड़ी समस्या हल हो जाएगी साहब मेरा राशन कार्ड सुधारवा दो । वही इस बारे में जब ग्राम पंचायत धूरसा के सरपंच रमेंद्र साहू से पूछा गया तो उसने बताया कि तीन , चार माह पहले मुझे जानकारी मिली थी तो उसे समय मैं सेल्स मेन को राशन कार्ड को सुधारने के लिए बोल दिया था सेल्स मेंन राशन कार्ड सुधार रलिया होगा समझा मैं क्यों नहीं सुधारा है ।पता कर लेता हूं और बहुत जल्दी ही घसीया राम का राशन कार्ड सुधार कर राशन उपलब्ध कराया जाएगा।
