सुखा नदी में बिना मीटर लगे अवैध बिजली कनेक्शन का खेला

खबर हेमंत तिवारी

  • नदी के बीचों बीच सैकड़ो अवैध बोर वा कनेक्शन

छुरा /धान की फसल पक कर तैयार है अब कुछ ही दिनों में कटने वाली है पर यह धान की फसल हर साल की तरह इस साल भी बिजली विभाग की टी सी कनेक्शन के नाम पर सालों से बिजली विभाग की मिलीभगत से यह खेल होता आ रहा है जो सुखा नदी में पैरी नदी सहित छोटे अन्य नदी पोखरों में टुल्लू पंप या नदी के बीच में बोर मशीन से सिंचाई की यह गुपचुप योजना किसी से छुपी नहीं है जीससे यह संचालित हो रही है।जो सालो से चल रहा है। नियम की बात की जाए नदी से सिंचाई हेतु पानी के लिए पर्यावरण विभाग की अनुमति जरूरी है पर यहा नदी के बिचो बीच बोर खोदे गया है। ऐसे में हर साल की तरह इस साल भी किसानों ने सूखा नदी में पहले से बोर किए हुए स्थान में सबमर्सिबल पंप डालकर बेधड़क सिंचाई कर रहे हैं ।और बरसात जब नदियों में पानी होता है तो इन्हे ढक कर बंद कर देते है और खरीब फसल की कटाई के बाद फिर चालू कर देते है।जानकारो की माने तो कुछ किसान अपनी लगानी जमीन का कागजात दिए है और सिंचाई नदियों के इस बोर से कर रहे है और यह सब कुछ जानते हुए इन्हे बिजली कनेक्शन दिया गया है।जबकि पहले से ही जीवनदायनी यह नदिया अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है।जिले के कुछ नदियों में दिन और रात में रेत चोरी के बाद यह पानी चोरी का बड़ा मामला है।

गर्मियों में पानी ऐसे भी इस सुखा नदी में नहीं रहता पर नदियों के बीच में अवैध बोर के माध्यम से यहां के नीचे बने जल स्रोतों से भी पूरा खींचा जा रहा है बिजली विभाग जल संसाधन विभाग के संयुक्त मिलीभगत से यह रसेला से लेकर फिंगेश्वर तक नदी किनारों के खेतो को सिंचाई कर रहा है।छुरा विकासखंड के सुखा नदी में। ऐसी सैकड़ो अवैध बोर आसानी से देखा जा सकता है जिस पर विद्युत विभाग की।अवैध कनेक्शन बिना मीटर दिख जायेगा। सैकड़ो की मात्रा में नदी तालाबों और छोटे-छोटे पोखरों में यह अवैध कनेक्शन बिजली विभाग के कर्मचारी से लेकर अधिकारियों तक किसानो को मिलीभगत से टी सी कनेक्शन के नाम पर हर साल किसानों से मोटी रकम वसूली कर या नियम विरुद्ध कनेक्शन दिया जाता है और इस कनेक्शन में मीटर नहीं लगाया जाता मात्र 4 से 6 महीने का यह खेल होता है ।और हर साल की तरह इस साल भी इस अवैध कनेक्शन से किसानों का धान पक कर तैयार हो जाता है इसका खामियाजा उन उपभोक्ताओं को उठाना पड़ता है। जो इमानदारी से अपना बिजली बिल का भुगतान करता है और जो लो वोल्टेज और बिजली कटौती की समस्या को गर्मी भर झेलते है बिजली विभाग छूरा ,खडमा ,पांडुका सहित ऐसा पैरी नदी सुख नदी या फिर जीवन दायनीय छोटे-छोटे गांव के नदियों(नरवा) में हर साल यह खेल खेला जा रहा है।जिससे बिजली विभाग के कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक मालामाल हो रहा है और इसकी संख्या साल दर साल बढ़ती जा रही है।

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