कोटवार ने बेच खाया सेवा भूमि की मुरम , 6 माह से लगातार चलता रहा अवैध खनन

खबर हेमंत तिवारी

पांडुका/ तहसील कार्यालय छुरा के अंतर्गत ग्राम पंचायत साकरा में कोटवार संतराम को जिवको पार्जन के लिया शासन से खसरा नंबर 993 सेवा भूमि मिला था पर संतराम के मृत्यु के बाद उसके बेटा घनाराम गंधर्व को उसकी जगह अनुकंपा नियुक्ति मिला साथ ही सेवा भूमि प्राप्त हुआ।यह सेवा भूमि पहले तब दिया जाता था ।जब इन कोटवारो को किसी प्रकार का मानदेय या वेतन भुगतान नहीं किया जाता था इसलीय जिवकों पार्जन के लिए शासन द्वारा मिलने वाले सेवा भूमि से खेती कर जीवन यापन करना था।पर बदलते समय के साथ साथ इस सेवाभूमि की बिक्री भी गुपचुप तरीके से कोटवारों और दलालों ने चालू कर दिया है पूरे जिले सहित छुरा वा पाण्डुका अंचल के कई गांव में सेवा भूमि बिक्री से संबंधित ऐसे कई मामले है।इसी तरह लगभग 6 महीने से सड़क निर्माण कंपनी के एक मुंशी और कोटवार सांकरा कि मिलीभगत से सेवा भूमि का अवैध रूप से मुरम मिट्टी निकालकर बेचा गया है इसके लिए ना तो किसी प्रकार के कोई अनुमति राजस्व विभाग से है ना ही खनिज विभाग से इस प्रकार गलत तरीके से यह खनन कर हजारों ट्रिप मुरम मिट्टी खोदे गया है।जिससे जिला प्रशासन को लाखो रुपए राजस्व का नुकसान हु आ है।इस बारे में किसी प्रकार का कोई दस्तावेज कोतवाल के पास नही है। जानकर बताते है कि इसके पहले भी इसी सेवा भूमि की अवैध उत्खनन को लेकर कोटवार को तहसील कार्यालय छुरा का पेशी भी जा चुका है ।

ग्रामीणों की माने तो अवैध खनन की जानकारी सबको है पर आज तक किसी ने इस पर कार्रवाई करने की जहमत नहीं उठाई इस बारे में जब कोतवाल घना राम से पूछा गया था तो उन्होंने बताया था की जमीन का कागजात उन्होंने निर्माण कंपनी के मुंशी छविराम साहू को दिया था अनुमति लेने की बात कही थी जिस पर मैंने उन्हें बी वन नक्शा खसरा दिया था।साथ ही उन्होंने ने मुझे मुरूम निकलकर उसमे मिट्टी डाल कर देने की बात कहा था उसने अनुमति लिया है कि नहीं इसकी जानकारी मुझे नहीं।।। इस तरह दिन रात चले लगभग 6एकड़ 17 डिसमिल के इस सेवा भूमि में लगभग 10 से 15 फीट तक गहराई खोदा गया है और सारे मुरम निकाल कर सड़क पर खापा दिए गया है। साथ ही यहां हरे-भरे बड़े-बड़े पेड़ पौधों को भी जड़ से उखाड़ फेंक दिया गया है पास में ही लगे वन विभाग की भूमि तक खुदाई पहुंच गया था। एक समय था खुदाई के पहले हरे भरे बड़े-बड़े पेड़ पौधे हुआ करते थे पर खुदाई की वजह से पूरा सेवा भूमि गड्ढा में तब्दील हो गया है और सड़क किनारे के हरियाली गायब हो चुकी है। और जब सेवा भूमि में अनुमति को लेकर खनिज विभाग गरियाबंद से बात किया गया तो खनिज विभाग के अधिकारी ने बताया की सेवा भूमि में किसी प्रकार की खुदाई से संबंधित परमिशन देना नहीं है।हमारे यहा से कोई अनुमति नहीं दी गई है।,,,कोटवार घनाराम गंधर्व ग्राम सांकरा,, खेत बनाने के बदले में अपना सेवा भूमि का मुरूम दिया हूं मुझे बि वन नक्शा खसरा छविराम साहू ने मांगा था। उसने अनुमति लिया है कि नहीं लिया है मुझे नहीं पता अनुमति से संबंधित मेरे पास कोई कागज नहीं है।

,,जब इस बारे में मीडिया ने निर्माण कंपनी के मुंशी छबि राम साहू से जानकारी ली तो उन्होंने 2 साल पहले का खनन बता कर पल्ला झाड़ ते हुए आगे उच्च अधिकारी से बात करने की बात कही और सवालों से बचते नजर आए,,,,
और जब इस बारे में तहसील कार्यालय छुरा के नायब तहसीलदार योगेंद्र देवांगन से बात किया गया तो उन्होंने बताया कि मुझे इस बारे में कोई संज्ञान नहीं है मैं अभी पता लगाता हूं और नियम की बात की जाए तो सेवा भूमि में इस प्रकार की अवैध खुदाई की कोई अनुमति नहीं दी जाती।सही पाए जाने पर कार्यवाही की जाएगी।।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *