दो सौ से अधिक बेटियां ब्रह्माकुमारी बनकर समाज कल्याण में जुटीं- 42 साल पहले नवापारा-राजिम की धरा पर गूँजा था आध्यात्म का नारा- 13 सेवाकेंद्र और 150 से अधिक गीता पीठशालाओं से दिया जा रहा राजयोग मेडिटेशन का संदेश- 1500 से अधिक नियमित विद्यार्थी संयम के पथ पर चल रहे
छुरा …..**भक्ति माता की तपोभूमि और आध्यात्म की पावन धरा, तपस्या भूमि का कमाल है कि आज नवापारा- राजिम क्षेत्र से दो सौ से अधिक...
