पतोरा सरपंच अंजीता गोपेश साहू लखनऊ में आयोजित स्वच्छता सम्मेलन में शामिल हुई


पाटन । राष्ट्रीय जल स्वच्छता सम्मेलन का दो दिवसीय कार्यशाला केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के मुख्य आतिथ्य में शुभारंभ हुआ। स्वस्थ वातावरण स्वस्थ शरीर को परिभाषित करता है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर घर नल हर घर जल के तहत सभी भारतीयों को पीने का साफ पानी देने की गारंटी दी है। जिसके अंतर्गत दो दिवसीय राष्ट्रीय जल स्वच्छता सम्मेलन का आयोजन लखनऊ उत्तर प्रदेश में की गई ।केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के मुख्य अतिथि, पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय की सचिव विनी महाजन ने कार्यशाला का उद्घाटन किया सभी राज्यों के जलशक्ति विभाग के प्रमुख सचिव और निर्देशक एवम स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के जिला समन्यवक इस कार्यशाला में सम्मिलित हुए ।जिसमे जल जीवन मिशन एवम स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के हर पहलू पर मंथन हुवा। जिसमे जलजीवन मिशन में किये गए अच्छे कार्यो, हर घर शौचालय से ओ.डी.एफ. प्लस तक के सफर तक, स्वच्छता कहानियां मैदानी स्तर पर के कार्यो पर तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, ओडिसा, महाराष्ट्र, असम, केरला, से आये राज्य समन्वयक, सचिव के द्वारा चर्चा की गई।जल की स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़े पहलुओं से ही इस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत हुवा। जब से हर घर नल हर घर जल की शुरुआत हुवा तब से महिलाओं का प्रतिदिन एक घंटा का समय जो पानी भरने में आने जाने का समय की बचत हुवा, साफ पीने का पानी मिलने से स्वस्थ में भी सुधार हुवा। अलग अलग राज्यो से आये अधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने अपने कार्यो को साझा किया। दूसरे दिन भूरा जल प्रबंधन सोंक्ता गड्डा, मैजिक पीठ, त्रिस्तरीय फ़िल्टर प्लांट और किचन गार्डन में हो रहे कार्यो पर चर्चा की गई, प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन पर महिला समूह के द्वारा एकत्रित कर अब उन्हें सीमेंट फेक्ट्री, रोड निर्माण में किया जा रहा है, सरपंच अंजीता गोपेश साहू के मालिय कचड़ा के सुरक्षित निपटान एवम उस कचड़े के ग्राम पंचायत द्वारा सोनखाद बनाकर उसका उपयोग किया जा रहा है, ग्राम पंचायत पतोरा एक उदाहरण है दूसरे गांव के लिए जिसने व्यर्थ से अर्थ का निर्माण किया मल का नाम लेने के लिए सोंचते थे लेकिन उससे खाद का निर्माण करने वाला एवम फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट को संचालित करने वाला पूरे भारत का पहला गांव होने के लिए जाना जाएगा। जिसमे महिला समूह की भागीदारी अग्रणी है। महिलाओं के द्वारा अब कचरा एकत्रीकरण से लेकर खाद बनाने का काम किया जा रहा है।

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