दांपत्य जीवन में प्रवेश के पूर्व यज्ञ का पुण्य फल नव विवाहित जोड़ों ने प्राप्त किया,

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी के पुरानी बस्ती में स्थित प्राचीन श्री राजराजेश्वरी महामाया मंदिर सार्वजनिक न्यास के तत्वाधान में गुप्त नवरात्रि के पावन पर्व पर आयोजित 10 फरवरी से श्री दिव्य रुद्र महायज्ञ का आयोजन किया गया है। यज्ञ के चतुर्थ दिवस माघ शुक्ल चतुर्थी मंगलवार को कुष्मांडा देवी के रूप में मां भगवती की आराधना तथा नवग्रह की शांति हेतु 9 मुख्य यजमानों ने यज्ञ आचार्य पं राजेंद्र प्रसाद तिवारी थान खमरिया वाले तथा मंदिर के आचार्य पं श्री लाल जी त्रिपाठी के आचार्यत्व में 17 ब्राह्मणों द्वारा मंत्रोचार के साथ हवन कराया गया।

न्यास समिति के सदस्य पं विजय कुमार झा ने बताया है कि नवग्रह शांति हेतु 9 यजमानों में दुर्गा प्रसाद पाठक मंदिर व्यवस्थापक, महेंद्र पांडे ग्राम व्यवस्थापक, कोषाध्यक्ष विजय शंकर अग्रवाल एवं न्यासी सूरज फुटान सपत्नीक तथा सचिव व्यास नारायण तिवारी इस प्रकार 9 यजमानों ने यज्ञ में आहुति देकर छत्तीसगढ़ के धर्मावलंबियों, श्रद्धालुओं के जीवन में नवग्रह शांति की प्रार्थना की। यज्ञ मंडप में नवदंपति दांपत्य जीवन में प्रवेश करने के पूर्व अनेक नव विवाहित जोड़ों ने यज्ञ में परिक्रमा कर आचार्य पं राजेंद्र प्रसाद तिवारी का आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस अवसर पर न्यासीगण ललित तिवारी, शेखर दुबे कृपाराम यदु, सत्यनारायण अग्रवाल, कुंजलाल यदु, मंदिर पुजारी श्रीकांत पाण्डेय, मनोज शुक्ला, लक्ष्मीकांत पांडे आदि ने विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया। यज्ञ आचार्य पंडित राजेंद्र प्रसाद तिवारी राजा दशरथ को माता कौशल्या, कैकई, व सुमित्रा को यज्ञ की खीर का प्रसाद ग्रहण करने पर संतान की प्राप्ति हुई थी, उसी भांति संतान प्राप्ति की अपेक्षा वाले दंपति को प्रतिदिन संध्या 6:30 बजे यज्ञ आरती के बाद प्रसाद वितरित किया जा रहा है।

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