रानीतराई में आयोजित राम कथा: तुलसी दास जी के जीवन से शिक्षा लेकर जीव सुखी हो सकता है : सुश्री गोपिकेश्वरी देवी

रानीतराई में 11 फरवरी 2024 को श्री राम कथा आयोजन कर्ताओं द्वारा भव्य कलश शोभायात्रा निकाला गया ,ग्राम भ्रमण कर कथा स्थल में प्रथम दिन राम कथा में देवी जी ने श्री तुलसी दास जी के जीवन चरित्र के बारे में बताते हुए कहा की जिस गांव में उनका जन्म हुआ था वो गांव वाले उनको जन्म से ही अशुभ मानते थे उनके माता के मृत्यु के बाद उनको बचपन में ही गांव छोड़ना पड़ा लोगो के गलत आचरण से कष्टों का सामना करना पड़ा उदर तृप्ति के लिए खाना भी नहीं मिल रहा था तब भगवान शिव जी के मंदिर में जाकर उनको माता पिता मानकर पुकार लगाने लगा भगवान शिव पार्वती की कृपा से समस्त दुख को सहते हुए समय आने पर विवाह किया और पत्नी के मोह में फस गया पत्नी की आज्ञा पाकर श्री राम की भक्ति करने लगा और समय आने पर भगवान शिव के कृपा से रामचरित मानस का लेखन किया।

जिसका आज समस्त संसार रस पान करके अपने मानव देह का कल्याण कर रहे है। हम जीव थोड़ा से दुख आने पर विचलित हो जाते दुखी हो जाते है और कर्तव्य पथ से हट जाते भगवान को ही भूल जाते है जीवन में कितना भी दुख आये कोई कितना भी अपमान करे भगवान को अपने साथ लेकर चलोगे तो तुलसी दास की तरह सदा के लिए सुखी हो जाओगे।राम कथा को आगे बढ़ाते हुए देवी जी द्वितीय दिन शिव सती कथा और उनकी विवाह के बारे में बतायेगी ।

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