देवरीबंगला ,,शारीरिक दुर्व्यवहार, अपहानि, जीवन और स्वास्थ्य को खतरा, महिला की गरिमा का उलंघन, अपमान, तिरस्कार करना, मानसिक रूप से परेशान करना इस कानून के तहत घरेलू हिंसा के दायरे में अनेक प्रकार की हिंसा एवं दुर्व्यवहार आते हैं। यह बातें ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति परसाडीह (सु) की बैठक में मितानिन प्रशिक्षक केशव शर्मा ने व्यक्त किए। उन्होंने घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम 2005 के बारे में बताया। इस कानून को लागू करने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों की है उनके इस कानून के तहत कुछ कर्तव्य है। महिला के साथ दुर्व्यवहार मारपीट व हिंसा करने पर जेल भी हो सकती है। बैठक में सरपंच व मितानिन पुष्पा साहू ने बताया कि तंबाकू मुक्त पंचायत बनाने में सभी मतदाता सहयोग करें। उन्होंने तंबाकू एवं उससे बनी हुई चीजों से नुकसान के बारे में बताया। ग्राम स्वास्थ्य संस्था एवं पोषण समिति की बैठक में ग्राम में हुए जन्म एवं मृत्यु पर चर्चा की गई। बैठक में खून की कमी एवं पोषण का वीडियो दिखाया गया। बैठक में मितानिन तुमेश्वरी कौमार्य, हेमलता मानिकपुरी, गोपाल, प्रेमलाल, कन्हैयालाल ठाकुर, ममता बाई, पूनम साहू, डामेश्वरी ठाकुर, सविता बाई सहित समिति के सदस्य उपस्थित थे।
बैठक में महिला हिंसा को लेकर किया जागरूक
