*पाटन। शासकीय चन्दुलाल चन्द्राकर कला एवं विज्ञान महाविद्यालय पाटन में आयोजित रास्ट्रीय सेमिनार में द्वितीय सत्र में चार शोध पत्रों का वाचन किया गया। इस सत्र के मंचस्थ अतिथि डॉ सुरेन्द्र कुमार अग्रवाल (उप प्राचार्य, दुर्गा कॉलेज रायपुर), डॉ शशि कश्यप (विभागाधायक्ष, वाणिज्य, शासकीय महाविद्यालय जामुल) तथा डॉ रोहित कुमार वर्मा (विभागध्यक्ष, गणित, शासकीय महाविद्यालय पाटन) थे। प्रथम शोधपत्र, कल्याण महाविद्यालय भिलाई नगर की श्रीमती हर्षा थी। आपने *ग्रोथ एन्ड एंटीसिपेटेड इम्प्रुवमेंट इन ई-कामर्स इन इण्डिया* के तहत भारत में ई-कामर्स के विकास का अनुमान व्यक्त करते हुए बताया कि सन 2026 में ई-कामर्स 27 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है।

कोविड महामारी के बाद से ई-कामर्स क्षेत्र में उछाल है। आपने SWOC एनालिसिस करते हुए जानकारी दी कि सन 2022 में ई-कामर्स का व्यवसाय 74.8 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2025 तक 188 बिलियन डॉलर तक हो जायेगा।अगला शोधपत्र वाचन श्री जायसवाल जी ने किया। आपने जीएसटी पर जानकारी देते हुए बताया कि सर्वप्रथम जीएसटी का प्रारंभ फ्रांस में 1954 में हुआ। भारत में लगभग 20 अप्रत्यक्ष करों को मिलाकर एक समन्वित कर प्रणाली के तहत जीएसटी लागू किया गया था। व्यवसायी एवं उपभोक्ताओं को जीएसटी फाइलिंग की तकनीकी और वित्तीय जानकारी आवश्यक है। तृतीय शोधपत्र का वाचन चन्दन कुमार के द्वारा किया गया। आपने स्टार्टअप के समक्ष आने वाली चुनौतियों पर चर्चा करते हुए बताया कि इन्हें नवाचार की आवश्यकता है। अगले शोधपत्र का वाचन श्री शुभम भरद्वाज ने किया। आपने बताया कि *इनक्लूजीव ग्रोथ* की अभिधारणा कामर्स में नई है। इसका कांसेप्ट भारत के ही वाणिज्य वैज्ञानिक डॉ पार्थ दासगुप्ता ने दिया था। आपने जानकारी देते हुए बताया कि समन्वित विकास के अंतर्गत पर्यावरण सुधार, सामाजिक परिप्रेक्ष्य, टिकाऊ विकास जैसे अवयव शामिल हैं। जीडीपी में इनक्लूजीव ग्रोथ का हिस्सा, विश्व में सबसे ज्यादा अमेरिका का 139 ट्रिलियन डॉलर है। भारत का स्थान 50.3 बिलियन डॉलर के साथ सातवाँ है।द्वितीय सत्र के समापन के पुर्व इनके शोधपत्रों की सार संक्षेपिका डॉ सुरेन्द्र कुमार अग्रवाल ने किया। अन्त में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ शोभा श्रीवास्तव ने समस्त अतिथियों, शोधार्थीयों, प्राध्यापको एवं प्रेस रिपोर्टरों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
