पतोरा माइनर सह सीसी रोड निर्माण में हों रही है जमकर धांधली,कच्ची मिट्टी के ऊपर ही किया जा रहा सीमेंटीकरण, हो रहा घटिया मटेरियल का उपयोग

पाटन. सिंचाई विभाग द्वारा ग्राम पतोरा में पतोरा माइनर लाइनिंग सह सीसी रोड बनाया जा रहा है । पतोरा माइनर में किसानों को सुविधा मिले इसके लिए यह कार्य किया जा रहा है लेकिन कार्य की गुणवत्ता को देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि किसानों को सुविधा कम और असुविधा ज्यादा रहेगी। नाली निर्माण का हाल यह है कि अभी से कई जगह से सीमेंट गिट्टी उखड़ने लगी है। पानी की तेज धार में नहर लाइनिंग किया गया है जो कि उखड़ने लगी है। जबकि अभी काम चल ही रह है। उसी तरह से नहर लाइनिंग के बाद पुल पुलिया का निर्माण भी किया गया है लेकिन इनमें भी गुणवत्ता का ध्यान नहीं दिया गया है। पतोरा माइनर में ही सीसी रोड का निर्माण किया जा रहा है इस सीसी रोड निर्माण में न हीं पॉलीथिन का उपयोग किया जा रहा है और ना ही गुणवत्तापूर्ण मटेरियल का इस कारण एक तरफ सी सी रोड का निर्माण हो रहा है और दूसरी तरफ सीसी रोड में बड़ी-बड़ी दरारें आने शुरू हो गई है।

सिंचाई विभाग के द्वारा पतोरा माइनर लाइनिंग सीसी रोड के लिए लगभग ढाई करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। इस नहर लाइनिंग व सीसी रोड के रास्ते में आने वाले पुल पुलिया निर्माण भी शामिल है। विभाग द्वारा इस कार्य में इतनी अनदेखी किया जा रहा है कि नाहर लाइनिंग व सीसी रोड बनते बनते ही उखड़ने लगी है। नहर लाइनिंग हालांकि किसानों को सुविधा देने के लिए किया जा रहा है लेकिन गुणवत्ता का ध्यान नहीं देने के कारण आने वाले दिनों में किसानों को यह कहीं बड़ी समस्या खड़ी ना कर दे । अभी से नहर लाइनिंग का सीमेंट और गिट्टी दिखने लगी है। नहर की तेज धार पिछले दिनों की बारिश में जब चली लाइनिंग की गिट्टी उखड़ने लगी थी।

सीसी रोड में गुणवत्ता का ध्यान नही
नहर लाइनिंग के साथ-साथ सीसी रोड का निर्माण सिंचाई विभाग के द्वारा ठेकेदार के माध्यम से कराया जा रहा है। गीली मिट्टी को समतल करके सीसी रोड बनाया जा रहा है।सीसी रोड बनाने से पहले नीचे पॉलीथिन का उपयोग किया जाना चाहिए लेकिन पॉलीथिन का भी उपयोग नहीं किया जा रहा है । गीली मिट्टी में सीसी रोड निर्माण के कारण एक तरफ सी सी रोड का निर्माण जारी है वहीं सीसी रोड जो बन चुके हैं वह जमीन पर धसने लगी है। इसकी जानकारी ग्रामीणों ने विभाग को भी दिए हैं । साथ ही साथ ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह से घटिया निर्माण होने से ग्रामीणों को सुविधा के बजाय असुविधा ज्यादा होगी।विभाग के अधिकारी भी इस ओर ध्यान नही दे रहे है।

वर्शन
इस विषय पर पूरी जानकारी लेने के बाद ही कुछ कह पाऊंगा, अभी जानकारी मंगवाता हूं।
बी जी तिवारी
कार्यपालन अभियंता
सिंचाई विभाग दुर्ग

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