खबर हेमंत तिवारी
पाण्डुक/ जल जीवन मिशन योजना के लिए खोदे गए गड्डे से मोहल्ले वासी काफी परेशान हो रहे है।तो वही राहगिरो को भी मुसीबत का सामना कर पड़ कर रहे हैं।यह जल जीवन मिशन योजना से ग्रामीण अंचलों में लोग काफी परेशान हैं ।अच्छे भले सीसी रोड और गांव के गलियों को पूरी तरह तहस नहस कर डाले है।इस योजना के तहत पाइपलाइन विस्तार जी का जंजाल बन गया है।पानी तो नही मिल रहा पर परेशानी जरूर मिल रहा है और गुणवत्ताहीन कार्यों की वजह से पूरे विकासखंड में यह योजना भ्रष्टाचार के भेट चढ गया है। और इसके ठेकेदार और इंजीनियरो की बल्ले बल्ले है। क्यों की गड्ढा खोदकर बिना लेवल किया पाइप के बिछा कर जगह जगह घरों में कनेक्शन का आवंटन तो कर दिया गया है ।उसके बाद ऊपर से मिट्टी को ढक दिया जाता है। सीसी रोड को तोड़ने के बाद सीमेंट से भरा नहीं जाता जिस वजह से वह कुछ दिनों बाद टूट जाता है ऐसा ही कुछ हल इन दोनों ग्राम पंचायत

पांडुका में देखने को मिल रहा है। नल जल योजना के तहत पाईप लाईन विस्तार करने के लिए गलियों में पाइप बिछाई गई है ।मोहल्ले वासी खिलावन सिन्हा ,मुनीराम तारक ,सुरेंद्र तारक ,अशोक पटेल ,अजय तारक,माखन सिन्हा,सोनी तारक ,आरती तारक, भान बाई तारक, सूरज तारक आदि ग्रामीण ने बताया लगभग 25 दिन हो गए है। पाईप बिछाने के बाद ठेकेदार द्वारा टूटे हुए मलबे को ऐसे ही छोड़ दिया गया है। जो पूरे मोहल्ले और घरों के सामने बिखरे पड़े है जिससे हम मोहल्ले वाले काफी परेशान है। साथ ही आने जाने वाले ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बता दे कि इस मार्ग से पांडुका बस स्टैंड ,गांधीचौक,कुम्हार पारा होकर साप्ताहिक बाजार पांडुका और इससे होकर आसपास के गांव लोग जाते हैं जहां चार पहिया तो दूर दोपहिया वाहन और साइकिल भी चलना दूबर है साथ ही पैदल चलने वालों को भी बचते बचाते चलना पड़ता है। ठेकेदार की मनमानी कहे या लोक स्वास्थ यांत्रिकी विभाग की करस्तानी का नतीजा है।साथ ही ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि और

सचिव भी मूकदर्शक बने बैठे हैं ।और वार्ड पंच भी जाने क्यों अपने वार्ड के लोगों को इस समस्या से राहत दिलाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। बहरहाल लोग परेशान हैं । और इस समस्या से निजात दिलाने की मांग कर रहे हैं। कहने को तो पांडुका अंचल में बड़े-बड़े नेताओं के कमी नहीं है पर इन बडे नेताओं की लोग इतनी इज्जत करते हैं कि अपनी छोटी-छोटी समस्या लेकर उनके पास नहीं जाते इस कारण बड़े नेता भी इनके समस्या से ना कोई मतलब रखते है।ना कोई सरोकार ।
