खबर हेमंत तिवारी
राजिम / धर्म नगरी राजिम में एक बार नगर पालिका का विकास कार्यों में बड़ा झोल झाल सामने आया है ।यह खुलासा नगर के आरटीआई कार्यकर्ता विनित पारख ने की है।उन्होंने मीडिया को बताया की नगर पंचायत राजिम में भ्रष्टाचार की किताबे लिखी गई है ।जो परत दर परत राज खुल रहे है।उनका कहना है कि शासन के पैसों का बंदरबाट हुआ है।और यह सब दावा करते हुवे बड़ा आरोप लगाया है। आरटीआई कार्यकर्ता पारख के अनुसार उन्हें यह सब सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मिली है। जिसमे धर्म नगरी राजिम में लगाए गए ट्यूबलर लाइट में ठेकेदार के द्वारा

गुणवत्ताहीन सामग्री का प्रयोग किया गया है।और समयसीमा पूर्ण होने के बावजूद भी अभी तक कार्य अधूरा पड़ा हुवा है। साथ ही बिना गुणवत्ता जांच रिपोर्ट के ठेकेदार को 30 लाख रूपये के कार्य में 26 लाख रूपये का भुगतान भी कर दिया गया है, जबकि गुणवत्ता जांच रिपोर्ट आए बिना किसी भी कार्य में कोई भुगतान नहीं करने का शासन के द्वारा निर्देश दिया गया है, जिसका कड़ाई से पालन भी करने की बात कही गई हैं। साथ ही ठेकेदार के द्वारा स्टीमेट से बाहर काम किया गया है जोकि जांच का विषय है।हाला की इस सब भ्रटाचार का मास्टर माइंड कौन है उसका पता नही चला है।पर आर टी आई कार्यकर्ता का दावा है। की उसे बहुत जल्द बेनकाब किया जाएगा।तो वही इस पूरे मामले पर सीएमओ नगर पंचायत राजिम अशोक सलामे का कहना है की गुणवत्ता जांच रिपोर्ट अभी नहीं आया है और भुगतान भी ठेकेदार को किया गया है, कार्य में अनियमितता की जांच करायी जायेगी।
