विगत दिनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन में मिनिमल इनवेसिव पद्धति से मेजर सर्जरी हुई। 68 वर्षीय बुजुर्ग अपने पेट में दर्द और कमजोरी के कारण परेशान थे। उन्हे प्राइवेट डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी थी,किंतु अपने आर्थिक समस्याओं के कारण शहर के प्राइवेट अस्पताल में जा नहीं पा रहे थे। आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष्मान भव हेल्थ मेला में उन्हें स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने सलाह दी कि उनका ईलाज एवं ऑपरेशन शासकीय अस्पताल में ही हो जायेगा फिर उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन के डॉ दीपक कश्यप सर्जिकल स्पेशलिस्ट (डीएमएफ) से परामर्श किया। जांच के दौरान उन्हें बाईलेटरल इंगविनल हर्निया रोग की पहचान हुई। श्री बालाराम अपने इस तकलीफ के कारण असहनीय पीड़ा से परेशान रहते थे एवं दर्द के कारण दैनिक जीवन में बहुत परेशान रहते थे सर्जन ने उन्हें ऑपरेशन की सलाह दी। उन्हे इस समस्या से ठीक होने में दो बार ऑपरेशन की आवश्यकता थी। उन्हे सर्जन ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन में ही प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आयुष्मान कार्ड से कैशलेस ऑपरेशन हो सकता है। उसके बाद वे ऑपरेशन के लिए सहमत हुए। उम्र को देखते हुए सर्जन डॉ दीपक कश्यप ने ऑपरेशन के लिए मिनिमल इनवेसिव सर्जरी के लिए *टेंशन फ्री हर्नियोप्लास्टी* तकनीक का चयन किया एवं एक ही बार में दोनो तरफ के हर्निया का ऑपरेशन किया बीएमओ पाटन डॉ आशीष शर्मा ने बताया कि ऑपरेशन के लिए आवश्यक मेश , उपकरण आदि की व्यवस्था अतिशीघ्र की गई। डॉ अंकिता बोधनकर ने ऑपरेशन के पूर्व प्री एनेस्थेजिया चेकअप किया। हमर लैब पाटन से सभी आवश्यक जांच की गई। ऑपरेशन स्पाइनल एनेस्थेजिया में किया गया। ऑपरेशन पश्चात 5 दिनो बाद उन्हें अस्पताल से दिनांक डिस्चार्ज किया गया।श्री बालाराम ने अस्पताल से छुट्टी के समय प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को बहुत अच्छी योजना बताते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन के चिकित्सकों, नर्सो,एवं कर्मचारियों को धन्यवाद दिया एवं आभार व्यक्त किया।बीएमओ पाटन ने जानकारी दी कि कलेक्टर महोदय,जिला प्रशासन दुर्ग, के मार्गदर्शन में डीएमएफ के सहयोग से सर्जिकल स्पेशलिस्ट की नियुक्ति होने के बाद से पाटन में सभी प्रकार के जनरल सर्जरी के ऑपरेशन आरंभ हो गए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जे पी मेश्राम, डीएचओ डॉ सतीश मेश्राम के निर्देशन में सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। नियुक्ति पश्चात बहुत कम समय में ही सर्जन द्वारा लगभग 35 मेजर एंड माइनर ऑपरेशन किए जा चुके हैं। उक्त सफलता पूर्वक किए गए ऑपरेशन में ऑपरेशन में ओटी टेकनेशियन जितेंद्र निर्मलकर, गिरिवर, सिस्टर रीना,अनीता जोशी, एवं ओटी टीम, स्टोर इंचार्ज पोषण यादव, आयुष्मान ऑपरेटर अरविंद साहू, भुजबल, हमरलैब की टीम, चिकित्सक प्रदीप सिंहा, डॉ मंजूषा सोरी, डॉ वीना साहू, डॉ आकाश साहू, डॉ डेहरिया ,रेखा कन्नोजे का विशेष योगदान रहा।
आयुष्मान भव – सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन में हुई मिनिमल इनवेसिव पद्धति से 68 वर्षीय की मेजर सर्जरी
