पाटन.एक तरफ पूरी दुनिया कोरोना संकट से जूझ रही है तो दूसरी ओर क्वारंटाइन सेंटर में रह रहे एक युवक ने खाली समय में पौध रोपण करके लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक कर रहे हैं। पाटन ब्लॉक के कौही गांव में गुजरात से लौटे चेतन कुमार सोनकर ने चौदह दिन के क्वारंटाइन में अपने समय का सदुपयोग करते हुए पूरे स्कूल परिसर में ही हरियाली बिखेर दी है। युवक जिस स्कूल में रह रहा है वहां उसने 350 पौधे रोपकर उसकी देखभाल और संरक्षण की जिम्मेदारी भी उठाई है। सूखे बंजर खाली जमीन में पौध रोपण और युवक की नई सोच देखकर ग्रामीणों ने भी उसकी सराहना की है।
ग्रामीणों ने पौध रोपण देखकर कहा कि गांव के लोग खुश हैं कि जिस स्कूल में युवक ने बचपन गुजारा, पढ़ाई की आज उसी स्कूल में हरियाली बिखेर रहा है। अपनी पुरानी यादें ताजा कर समय का सही मूल्य समझते हुए स्कूल व पर्यावरण के बारे में सोच रहा। ग्राम कौही का युवक चेतन कुमार डॉक्टरी की पढ़ाई करने गुजरात गया था। लॉकडाउन की वजह से गांव लौटा है, सरकार के आदेशानुसार 14 दिनों के लिए स्कूल में क्वारंटाइन में है।
चेतन ने बताया कि आज मैं अपने गांव के प्राथमिक स्कूल में हूं और 15-20 साल बाद यहां आने का फिर मौका मिला है। स्कूल काफी बदल चुका है। पहले के मुकाबले सुविधाएं भी बढ़ चुकी है लेकिन अब लॉकडाउन और क्वारंटाइन के लिए 14 दिन के लिए हम यहां है। समय के सदुपयोग और क्वारंटाइन का सही इस्तेमाल करने के लिए पौधे रोपण कर उसकी देखभाल कर कर रहा हूं। क्यारी बनाकर नियमित रूप से सुबह शाम पानी डालना और उनकी देखभाल करना रोज की दिनचर्या बन गया है। अभी तक 90 गड्ढे इन एक सप्ताह में हो चुके है और पहली बारिश के साथ ही इन सब में पौध रोपण करने का निर्णय लिया है। पूरे स्कूल परिसर में 300 से 350 पौधे लगाने की योजना है और जिसके लिए गड्ढे खोदने का काम जारी है।
चेतन ने बताया कि पौधारोपण की इस सामाजिक और प्राकृतिक कार्य में हमारे गांव के सरपंच मनोरमा टिकरिहा, जनपद सदस्य रमन टिकरीहा व शिक्षक राजेन्द्र मारकण्डे एवं सभी ग्रामीणजनों का विशेष समर्थन मिल रहा है जिससे मनोबल बढ़ा है।
चेतन सोनकर ने सभी से अपील करते हुए कहा है कि जितने भी लोग हमारे आसपास के गांवों में में स्कूल परिसर मे रुके हंै वे सब 14 दिन के समय का उपयोग करे। स्कूल प्रांगण की साफ सफाई करें। जिस स्कूल ने हमें, हम सब के बच्चों में शिक्षा की नींव रखी आज उसी स्कूल में हम सब को एक अच्छे काम की नींव रखनी चाहिए। स्कूल परिसर में एक पौधा जरूर लगाएं।
