मैनपुर@लीना ध्रुव– अमलीपदर में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि करोडो की लागत से बने सामुदायिक स्वस्थ केंद्र में कर्मचारियों की बहुत ही कमी देखने को मिल रही हैं।एक हि महिला डॉक्टर के भरोसे पूरा अस्पताल को संचालन कर रही है,जिस अस्पताल में 5 मेडिकल ऑफिसर की पदस्थापना होनी थी वह सिर्फ एक ही डॉक्टर की पोस्टिंग की गई हैं जिसका स्थानांतरण रायपुर मेकाहारा हो चुकीं है।अमलीपदर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत 15 सब सेंटर आते है,जिससे 4000 लोग इस अस्पताल के भरोसे निर्भर रहते है। ओपीडी रजिस्टर के अनुसार 1500 से अधिक लोग महीने में इलाज करवाने अमलीपदर अस्पताल में आते है। डॉक्टर न होने से उड़ीसा के अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ता है। डॉक्टर नहीं होने के कारण कई मरीजों को गरियाबंद रेफर करना पड़ता है, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमलीपदर में न मेडिकल ऑफिसर फार्मसिस्ट एएनएम वार्ड बॉय लैब टेक्नीशियन स्वीपर वार्ड याया जैसे 24 पद खाली है ,और न ही 108 और 102 की सुविधा मिलती है।इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हर महीने 30 से 40 प्रसव होता है, जिसके लिए 102 उरमल या देवभाेग से बुलवाया जाता है।स्वास्थ्य केंद्र होने के बावजूद भी यह 102 की सुविधा अच्छे से नही मिल पा रही है,अमलीपदर के लिए जारी किए 108 वाहन झारगव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रखा गया है।जिसके चलते 108 के लिए झारगाव देवभोग मैनपुर के वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता है।
एक ही महिला डॉक्टर के भरोसे निर्भर है सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र
