रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार चुनावों के पूर्व सत्ता में आने पर 10 दिन में संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया था। अब सरकार को केवल 10 दिन बाकी है। वादों को पूरा करना तो दूर एक माह के लंबे आंदोलन में मुख्यमंत्री निवास में समझौता कर 15 अगस्त करने के वादा के बाद भी वादों को पूरा नहीं किया गया। आज रविवार को प्रदेश के हजारों संविदा कर्मचारियों ने वादों की बारात नवा रायपुर तूता धरना स्थल में निकाली। आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता विजय कुमार झा एवं दंतेवाड़ा जिला सचिव जयनारायण बस्तरिहा ने आंदोलनकारियों की मांगों का समर्थन किया। श्री झा ने अपने संबोधन कहा की कौशलेष तिवारी एवं सूरज सिंह ठाकुर के नेतृत्व में लंबा आंदोलन करने के बाद भी नियमितीकरण नहीं किया जा रहा है। अब इस सरकार में नियमितिकरण की उम्मीद समाप्त हो चुकी है।इसलिए आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल के 9 वें गारंटी अनियमित्त कर्मचारियों का नियमितीकरण,प्लेसमेंट,ठेका प्रथा समाप्त करने पर विश्वास करते हुए अपना आंदोलन समाप्त कर, केजरीवाल की गैरंटी पर विश्वास करें। मात्र 27 प्रतिशत की वृद्धि खैरात नहीं अधिकार है। जैसे नियमित कर्मचारियों का प्रति वर्ष महंगाई भत्ता बढ़ता है, वैसे ही संविदा कर्मचारियों को प्रतिवर्ष मानदेय में वृद्धि की जाती है। किंतु कांग्रेस सरकार ने 2018 के बाद मानदेय में वृद्धि नहीं किया था। मात्र 27 प्रतिशत किया है। लेकिन नियमितीकरण के मामले में अनिर्णय की स्थिति में सरकार है।
धोखा खाए संविदा कर्मियों ने राजधानी में निकाली वादों की बारात- ये वादों की बारात नहीं, वादों की अंतिम यात्रा है-विजय झा
