मुख्यमंत्री के आश्वासन से अधिकारीयों कर्मचारियों में जागी उम्मीद

भिलाई। एसोसिएशन आफ इंजीनियरिंग एंड पोलीटेक्निक कालेज टीचर्स गजेटेड आफिसर्स आफ छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष शंकर वराठे ने जानकारी दी हैं कि एसोसिएशन की संबद्धता छ ग कर्मचारी -अधिकारी फेडरेशन से है। शासन द्वारा कर्मचारीयों व अधिकारीयों के वार्षिक वेतन वृद्धि को विलंबित किए जाने के विरुद्ध, 28 मई को फेडरेशन के आव्हान पर मुख्यमंत्री के नाम पर ज्ञापन सौंपा था। राज्य भर में हुई प्रतिक्रिया के फलस्वरूप, मुख्यमंत्री मंत्री निवास से चर्चा हेतु संघों को 4 जून को आमंत्रित किया गया। प्रतिनिधिमंडल संयोजक कमल वर्मा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की,
प्रतिनिधिमंडल ने 1 जुलाई 20 एवं 1 जनवरी 21 को स्वीकृत होने वाले वार्षिक वेतन वृद्धि को विलंबित रखे जाने संबंधी वित्त विभाग के आदेश को वापस लेने का ज्ञापन मुख्यमंत्री को दिया है। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम1966 के नियम 10 के तहत वार्षिक वेतन वृद्धि विलंबित करना एक प्रकार का लघु शास्ति है।वार्षिक वेतन वृद्धि उसी कर्मचारी की रोकी जाती है,जिसका कार्य शासन के सिविल सेवा आचरण विरुद्ध होता है।प्रदेश के कर्मचारी अधिकारी कोरोना काल में भी बेहतर काम कर रहे हैं,उसी का परिणाम है कि देश के मुख्यमंत्रियों की रैकिंग में छत्तीसगढ़ को दूसरा स्थान मिला है। इसके बावजूद समूचे प्रदेश के कर्मचारी -अधिकारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि कटौती का आदेश वित्त विभाग से जारी होना न केवल हतोत्साहित करने वाला है,अपितु न्यायसंगत भी नहीं है।कर्मचारियों द्वारा स्वेच्छा से मुख्यमंत्री राहत कोष में वेतन जमा कराई गई है।वार्षिक वेतन वृद्धि पर रोक के खिलाफ पूरे कर्मचारियों में आक्रोश है।आदेश के खिलाफ दिनांक 28 मई 2020 को मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन प्रेषित कर आदेश को वापस लेने की मांग की गई है। कर्मचारियों की भावनाओं के अनुरूप इस वेतन वृद्धि आदेश को वापस लिया जाना चाहिए।मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गौर से सुनकर,सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से आगे कहा कि प्रदेश के कर्मचारी अधिकारी कोरोना वायरस के संक्रमण के रोकथाम तथा संक्रमण के बचाव के लिए जान की परवाह किए बगैर कार्य कर रहे हैं।जिसके कारण सम्पूर्ण भारतवर्ष में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को द्वितीय स्थान मिला है।जोकि एक उपलब्धि है।प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री से राजस्थान सरकार की भांति कर्मचारी अधिकारियों के लिए 50 लाख रुपए अनुग्रह राशि स्वीकृत करने तथा कर्मचारी संघों की मान्यता 1 वर्ष के स्थान पर फर्म सोसायटी द्वारा निर्धारित अवधि तक करने का मांग पत्र पृथक प्रथक सौंपा है। मुख्यमंत्री ने फेडरेशन के ज्ञापन पर सकारात्मक निर्णय लेने हेतु आश्वस्त किया है।
इस पर एसोसिएशन आफ इंजीनियरिंग एंड पोलीटेक्निक कालेज टीचर्स गजेटेड आफिसर्स आफ छत्तीसगढ़ के पदाधिकारियों एवं समस्त ने मुख्यमंत्री जी के आश्वासन अनुसार निर्णय होने का उम्मीद किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *