रोशन सिंह@उतई।भाई-बहन के पवित्र त्योहार रक्षाबंधन का इंतजार सभी को पूरे साल रहता है। सावन शुरू होने के साथ ही लोग रक्षाबंधन का इंतजार करना शुरू कर देते हैं। राखी का पवित्र त्योहार सावन की पूर्णिमा को मनाया जाता है। ऐसे में बाजारों में भी राखी की धूम देखने को मिल रही है। बहनें अपने भाई की कलाई पर सजाने के लिए मनपसंद राखियां चुन रही हैं। लेकिन अब तक लोग यही सोच रहे हैं कि आखिर रक्षाबंधन कब मनाएं। कोई कह रहा है कि रक्षाबंधन का त्योहार बुधवार को यानी कि 30 अगस्त को है तो वहीं बहुत से लोग 31 अगस्त को त्योहार मनाने की बात कह रहे हैं। ऐसे में आखिर राखी बांधने के लिए कौन का दिन और मुहूर्त सही है, तो आइए ये कंफ्यूजन भी दूर करते है।
उतई नगर के पुरोहित पंडित उमाशंकर अवस्थी के अनुसारयदि पूर्णिमा का मान दो दिन प्राप्त हो रहा हो तथा प्रथम दिन सूर्योदय के एकादि घटी के बाद पूर्णिमा का आरंभ होकर द्वितीय दिन पूर्णिमा छह घटी से कम प्राप्त हो रही हो तो पूर्व दिन भद्रा से रहित काल में रक्षाबंधन करना चाहिए परंतु ‘इदं प्रतिपत् युतायां न कार्यम्’ अनुसार पूर्णिमा यदि प्रतिपदा से युक्त होकर छह घटी से कम हो तो रक्षाबंधन नहीं करना चाहिए।
इस वर्ष यही स्थिति बन रहा है,,
प्रेम के बंधन में तो भगवान भी बंध जाते है आप और हम क्या चीज हैं,,खुशियों का और स्नेह का पवित्र पर्व है रक्षाबंधन आम जन मानस भ्रमित न हों बेफिक्र होकर 30 अगस्त को 11 बजे दिन का मुहूर्त लीजिए और शुरू हो जाइए देर रात तक के लिए,,
रक्षा बंधन पर नही होगा भद्रा का साया
