आजादी की 76 वीं वर्षगांठ: मुख्यमंत्री ने राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में किया ध्वजारोहण : प्रदेशवासियों को दी महत्वपूर्ण अनेक सौगात
छत्तीसगढ़ के विकास मॉडल ने देश को भी दिखाई नई दिशा
नवा छत्तीसगढ़ में हर जगह आई खुशहाली, पौने पांच सालों में लोगों के बैंक खाते में डाले गए एक लाख 60 हजार करोड़ रूपए
गांव, खेतों, पर्यावरण और आजीविका में सुधार की दृष्टि से देश और दुनिया में सराही गई हमारी ‘सुराजी गांव योजना’
छत्तीसगढ़ में आदिवासी समाज की संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन की प्रभावी पहल
हमारी ’आवास न्याय योजना’ साबित होगी न्याय यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव
छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी सम्मान के अंतर्गत तीन श्रेणियों में दिए जाएंगे पुरस्कार
महिलाओं से छेड़छाड़ और दुष्कर्म आदि के आरोपियों के लिए शासकीय नौकरी प्रतिबंधित
रेशम कीट एवं मधुमक्खी पालन को कृषि का दर्जा
कुक्कुट पालकों को रियायती दर पर बिजली
विकासखण्ड मुख्यालयों में मेडिकल एवं इंजीनियरिंग परीक्षाओं की ऑनलाईन कोचिंग दी जाएगी
एआई और मशीन लर्निंग भी स्कूली पाठ्यक्रम में होंगे शामिल
हर जिले में कम से कम एक कॉलेज में पोस्ट-ग्रेजुएट कक्षाएं
शासकीय महाविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क परिवहन सुविधा
छत्तीसगढ़ी भाषा एवं आदिवासी क्षेत्रों की स्थानीय बोलियां प्राथमिक शाला पाठ्यक्रम में शामिल
स्वच्छता दीदी और सामुदायिक संगठक के मानदेय में 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी
निर्माण श्रमिकों को जीवन पर्यन्त 1500 रूपए मासिक पेंशन
आईटीआई के संविदा प्रशिक्षण अधिकारियों तथा मेहमान प्रवक्ताओं के वेतन में बढ़ोत्तरी
स्कूलों के अंशकालीन सफाईकर्मी एवं रसोइयों के मानदेय में 500 रूपए प्रतिमाह वृद्धि

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज भारत की आजादी की 76वीं वर्षगांठ के पावन और गौरवशाली अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड मैदान में ध्वजारोहण करने के बाद प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दिए अपने संबोधन में साहित्यिक वातावरण को सुदृढ़ करने तीन श्रेणियों में छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी सम्मान देने की घोषणा की। इनमें पहली श्रेणी अंतर्गत छत्तीसगढ़ी तथा अन्य बोली जैसे गोंडी, हल्बी, सरगुजिया में लिखे गए साहित्य के लिए, दूसरी श्रेणी के अंतर्गत हिंदी पद्य के लिए तथा तृतीय श्रेणी के अंतर्गत हिंदी गद्य के लिए हर श्रेणी में सम्मानित साहित्यकारों को पांच लाख रूपए नगद एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने बालिकाओं से छेड़छाड़, दुष्कर्म आदि के आरोपियों को शासकीय नौकरियों में प्रतिबंधित करने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़िया ओलंपिक राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में लंबी कूद, 100 मीटर दौड़ एवं कुश्ती के खेल में 18 से 40 वर्ष की आयु वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित करने की घोषणा की, यह प्रावधान इसी सत्र से लागू होगा। रेशम कीट पालन एवं मधुमक्खी पालन को भी कृषि का दर्जा देने की घोषणा की। कुक्कुट पालन को प्रोत्साहित करने ’कुक्कुट पालन प्रोत्साहन योजना’ आरंभ हुई। इसमें कुक्कुट पालकों को रियायती दर पर बिजली उपलब्ध होगी। दूरस्थ क्षेत्रों के शासकीय शालाओं के 11वीं, 12वीं के विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग एवं मेडिकल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग हेतु देश की ख्याति प्राप्त संस्थाओं द्वारा सभी विकासखण्ड मुख्यालयों में ऑनलाईन कोचिंग की व्यवस्था की जाएगी। सभी जिलों में कम से कम एक कॉलेज में पोस्ट-ग्रेजुएट कक्षाओं में अध्ययन की सुविधा उपलब्ध होगी। इस क्रम में शासकीय लोचन प्रसाद पाण्डेय महाविद्यालय सारंगढ़, डॉ. भंवर सिंह पोर्ते महाविद्यालय पेण्ड्रा, क्रांतिकुमार भारती महाविद्यालय सक्ती, एल.सी.एस महाविद्यालय अंबागढ़ चौकी को स्नातकोत्तर महाविद्यालय का दर्जा प्रदान करने की घोषणा की। यहां अतिशीघ्र आवश्यक नवीन विषय एवं पद संरचना उपलब्ध कराई जाएगी।
अगले शिक्षा सत्र से स्कूली बच्चों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग तथा इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी तकनीकी जानकारी पाठ्यक्रम में शामिल की जाएगी। शासकीय महाविद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को घर से कॉलेज आने-जाने के लिए बस की निःशुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। अगले सत्र से छत्तीसगढ़ी भाषा एवं आदिवासी क्षेत्रों के स्थानीय बोली को कक्षा पहली से कक्षा पांचवीं तक पाठ्यक्रम के एक विषय के रूप में सम्मिलित किया जाएगा। शहरी स्वच्छता दीदी और सामुदायिक संगठकों के मानदेय में 20 प्रतिशत बढ़ोत्तरी की घोषणा भी की। निर्माण श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन सहायता योजना अंतर्गत 60 वर्ष पूरी करने वाले तथा 10 साल तक पंजीकृत रहे श्रमिकों को जीवन पर्यन्त हर महीना 1500 रूपए मासिक पेंशन दी जाएगी। आईटीआई में कार्यरत संविदा प्रशिक्षण अधिकारियों के एकमुश्त संविदा वेतन को 25780 रूपए से बढ़ाकर 32740 रूपए करने तथा मेहमान प्रवक्ताओं के प्रति माह अधिकतम भुगतान की सीमा को 13 हजार रूपए से बढ़ाकर 15 हजार रूपए करने की घोषणा की गई। साथ ही छत्तीसगढ़ में शिक्षा सुविधाओं में योगदान देने वाले अंशकालीन सफाई कर्मी एवं मध्यान्ह भोजन से जुड़े रसोईयों के मानदेय में 500 रूपए प्रति माह वृद्धि की घोषणा की।
संकटग्रस्त सभी राज्यों की चिंताओं में छत्तीसगढ़ की सहभागिता व्यक्त करता हूं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी और संविधान प्रदत्त अधिकार सबके लिए हैं और जब तक सब भारतवासी उनका समुचित उपयोग कर पाएंगे, तभी तक हमारी आजादी सुरक्षित रह पाएगी। प्रत्येक राज्य को और देश के प्रत्येक नागरिक को सशक्त बनाकर ही देश को मजबूत बनाया जा सकता है। यही कारण है कि हमने छत्तीसगढ़ में हर व्यक्ति और हर वर्ग को न्याय दिलाने का संकल्प लिया।
दिलों को जोड़ती न्याय योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी न्याय योजनाओं का प्रत्यक्ष असर हो रहा है। हमारी न्याय योजनाएं प्यार की गंगा बहा रही हैं और दिलों को जोड़ रही हैं। किसान, ग्रामीण, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग, महिला, युवा, बच्चे आदि सभी का जीवन सरल बनाने, इनकी जरूरतों को पूरा करते हुए तरक्की के रास्ते पर आगे ले जाने के लिए हमने बड़े-बड़े निर्णय लिए हैं।
धान की खरीदी, अब प्रति एकड़ 20 क्विंटल
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने किसानों से किया हुआ वादा कैसे निभाया, यह बात सिर्फ किसान ही नहीं बल्कि पूरा प्रदेश और देश जानता है। सरकार बनते ही सबसे पहले लगभग 9 हजार करोड़ रुपए का अल्पकालिक कृषि ऋण माफ किया। 2500 रुपए प्रति क्विंटल में धान खरीदा। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की मात्रा लगभग 56 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 107 लाख मीटरिक टन किया। यह कुशल प्रबंधन और हमारी सरकार के प्रति बढ़े विश्वास के कारण हुआ। धान बेचने वाले किसानों की संख्या 12 लाख 60 हजार से बढ़कर करीब 25 लाख हो गई। धान खरीदी केन्द्रों की संख्या 1 हजार 989 से बढ़ाकर 2 हजार 617 किया। हम अपने वादे पर अडिग हैं कि आगामी खरीफ मौसम में छत्तीसगढ़ के किसान भाई-बहनों से प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जाएगी। किसानों को ब्याजमुक्त ऋण देने के लिए प्राथमिक कृषि साख समिति की संख्या 1 हजार 333 से बढ़ाकर 2 हजार 58 किया। कृषि ऋण की राशि 3 हजार 546 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 7 हजार करोड़ रुपए की गई। किसानों की बकाया सिंचाई कर की 342 करोड़ रुपए की राशि माफ की गई।
किसानों को 20 हजार करोड़ की इनपुट सब्सिडी
‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ के माध्यम से धान के साथ ही अन्य खाद्यान्न, मिलेट, उद्यानिकी, वृक्षारोपण आदि के लिए नगद राशि दी गई, जिससे किसानों के खाते में 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि डाली गई। गन्ना प्रोत्साहन राशि के रूप में 208 करोड़ रुपए दिए गए। हमारी सरकार द्वारा समर्थन मूल्य घोषित करते हुए कोदो, कुटकी और रागी की खरीदी की जा रही है।
समर्थन मूल्य पर पहली बार मिलेट की खरीदी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पहली बार लगभग 94 हजार क्विंटल मिलेट फसलों का उपार्जन हमने किया है। समर्थन मूल्य पर दलहन खरीदी का वादा भी पूरा किया गया है, जिससे प्रदेश में दलहन उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। हमारी सरकार ने नई तरह की खेती और फसलों को बढ़ाने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। लाख पालन और मछली पालन को कृषि का दर्जा दिया गया है। ‘छत्तीसगढ़ टी-कॉफी बोर्ड’ का गठन करते हुए जशपुर जिले में 102 एकड़ में चाय और बस्तर जिले में 80 एकड़ में कॉफी का रोपण किया गया है। पोषणबाड़ी योजना के तहत 4 लाख बाड़ियां विकसित की गई हैं। छुईखदान में ‘पान अनुसंधान केन्द्र’ की स्थापना की गई है।
हमने चंदखुरी में माता कौशल्या के प्राचीन मंदिर परिसर का जीर्णाेद्धार तथा सौंदर्यीकरण किया है। साथ ही ‘माता कौशल्या महोत्सव’ का आयोजन भी प्रारंभ किया है। ‘राष्ट्रीय रामायण महोत्सव’, ‘राज्य स्तरीय रामायण मंडली प्रोत्साहन योजना’ के तहत मानस मंडलियों की प्रतियोगिता का आयोजन भी शुरू किया गया है।
छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद का गठन
हमारे ‘आदिवासी लोक नृत्य महोत्सव’ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता, पहचान और सराहना मिली है। राज्य अलंकरण पुरस्कारों की सूची में देवदास बंजारे स्मृति पंथी नृत्य पुरस्कार, लाला जगदलपुरी साहित्य पुरस्कार, हबीब तनवीर सम्मान, खुमान साव सम्मान, लक्ष्मण मस्तुरिया सम्मान को भी शामिल करने की घोषणा से हमारी माटी के सपूतों के योगदान को चिरस्थायी बनाया जा सकेगा। इसके अलावा हमारे लोक कलाकारों तथा साहित्यकारों के लिए ‘चिन्हारी पोर्टल’, ‘मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना’, ‘गुरु शिष्य परंपरा छात्रवृत्ति’, वित्तीय सहायता योजना, अशासकीय संस्थाओं को आर्थिक अनुदान, छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद का गठन जैसे अनेक कार्य भी किए गए हैं। छत्तीसगढ़ फिल्म नीति के अमल से बालीवुड की 19 फिल्मों की शूटिंग सुनिश्चित हुई है, वहीं छत्तीसगढ़ी फिल्म निर्माण के लिए भी अनेक सुविधाएं दी गई हैं।
नक्सल क्षेत्रों में बदलाव की बयार
न्याय दिलाने के हमारे संकल्पों और प्रयासों की बदौलत एक ओर जहां बस्तर के लगभग 600 गांव नक्सलमुक्त हुए हैं। वहीं दूसरी ओर नक्सल हिंसा प्रभावित 300 से अधिक स्कूलों का पुनर्निर्माण और संचालन भी शुरू हुआ है। हमने आदिवासियों को अनावश्यक आपराधिक प्रकरणों से रिहाई दिलाने का वादा किया था। लगभग 1 हजार 400 लोगों को राहत देकर हमने यह वादा भी निभाया है।
चिटफंड कंपनी के शिकार लोगों को धन वापसी
चिटफंड कंपनियों के शिकार लगभग 46 हजार निवेशकों को 34 करोड़ रुपए की राशि वापस दिलाई गई है। ऐसी कंपनियों से लगभग 142 करोड़ रुपए की कुर्की की गई है, अतः यह राशि भी प्रभावित निवेशकों को लौटाने की कार्यवाही की जा रही है। चिटफंड कंपनियों के 700 से अधिक आरोपी पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। साइबर अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने के प्रयासों से 8 करोड़ रुपए से अधिक राशि अपराधियों के हाथों में जाने से रोकी गई है। पुलिस में विभिन्न पदों पर भर्ती पदोन्नति के साथ ही, बस्तर फाइटर्स बल का गठन, तृतीय लिंग आरक्षकों की भर्ती, पुलिसकर्मियों के लिए कल्याणकारी योजनाएं आदि प्रयासों से पुलिस का मनोबल बढ़ा है।
छत्तीसगढ़ में चंहु ओर खुशहाली: लोगों की जेब में पहुंचे 1 लाख 60 हजार करोड़ रुपए
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने का जो संकल्प लिया था, उसे पूरा करने का काम जी-जान से कर रहे हैं। यही वजह है कि प्रदेश के वन अंचल से लेकर कस्बों, गांवों, शहरों में, हर जगह खुशहाली आई है। हमने विभिन्न वर्गों का स्वाभिमान और स्वावलंबन बढ़ाने के लिए उनके खातों में 1 लाख 60 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत प्रदान की। जिससे प्रदेश में व्यापार, व्यवसाय, उद्योग, हर क्षेत्र में प्रगति की रफ्तार बनी हुई है। हर क्षेत्र में रिफॉर्म का असर कार्य में सरलता तथा विकास में तेजी के रूप में दिखाई पड़ रहा है। यह पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है कि हमारी अभिनव योजनाओं से लेकर केन्द्रीय योजनाओं तक में प्रदेश की उपलब्धियां देश में अव्वल स्थान पर रही हैं। अनेक योजनाओं को भारत सरकार ने स्वयं सराहा है तथा उन्हें अन्य राज्यों में लागू करने की सिफारिश भी की है। विकास का हमारा ‘छत्तीसगढ़ मॉडल’ प्रदेशवासियों के लिए उम्मीदों की नई किरण लेकर आया है, साथ ही देश को भी नई दिशा देने में भी सफल रहा है। इस स्वतंत्रता दिवस से गणतंत्र दिवस 2024 के बीच बहुत छोटा-सा कालखंड है, लेकिन मैं एक बार फिर कहना चाहता हूं कि 26 जनवरी 2024 को हमें 75 वां गणतंत्र दिवस बहुत गौरवशाली ढंग से मनाना है। आजादी के लिए हमारे पुरखों ने जो कुर्बानियां दीं, सेना के जवानों और तमाम सुरक्षा बलों ने देश की एकता और अखण्डता को बचाए रखने में जितने कष्ट सहन किए, हमारे महान नेताओं ने जिस तरह देश को एकजुट बनाए रखने के लिए संघर्ष किए, उन्हें याद रखना है। नए जोशो-खरोश और समर्पण के साथ हमें छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा करना है।
