ओबीसी सामाजिक न्याय दिवस में पूर्व प्रधानमंत्री वी.पी. सिंह को याद किए

किसी भी समाज की गैर दलीय जड़ें जब तक मजबूत ना हो तब तक वह प्रतिनिधित्व(आरक्षण) के सिद्धांत को समझ नहीं पाता। 1980 में ओबीसी वर्ग के लिए जीवनदायिनी मंडल आयोग की रिपोर्ट सौंप दिया गया लेकिन इसे 10 साल तक धूल खाने के लिए क्यों छोड़ दिया गया और जब समता भाव लिए पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह ने लागू भी कर दिया तो देश का एक तबका आखिर क्यों बहुसंख्यक उत्पादक वर्ग की प्रतिनिधित्व के खिलाफ देश को आंदोलन की आग में झोंक दिया । इन तमाम विषयों पर चर्चा परिचर्चा एवं ओबीसी समाज को संगठित करने के लिए अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ सम्बध्द ओबीसी संयोजन समिति छत्तीसगढ़ के तत्वाधान में संस्थापक अधिवक्ता श्री शत्रुहन सिंह साहू के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में रायपुर दुर्ग बालोद धमतरी कांकेर सहित राज्य के प्रत्येक जिले में ओबीसी सामाजिक न्याय दिवस हर्षोल्लास के साथ में मनाया गया जिला संगठन दुर्ग के तत्वधान में उतई नगर के यादव समाज भवन में यह कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम प्रभारी संगठन के राष्ट्रीय प्रचारक टिकेश्वर साहू जी ने कहा कैडर कैंप के माध्यम से समिति ने आजादी की दूसरी संघर्ष ओबीसी जन जागरण महा अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रयास किया जिससे ओबीसी समाज के लोगों में जागृति आई है किंतु लक्ष्य की प्राप्ति के लिए इस आंदोलन को और तेज करने की आवश्यकता है। जिला अध्यक्ष हरीश यादव ने कहा की 7 अगस्त 1990 को मंडल कमीशन की एक सिफारिश केंद्रीय सभी सरकारी सेवाओं एवं निजी क्षेत्रों में ओबीसी समाज को 27% हिस्सेदारी देने के फैसले ने देश में सामाजिक परिवर्तन की नींव रखी तो वहीं दूसरी ओर इस फैसले ने भारत की राजनीति में भूचाल ला दिया लेकिन दुर्भाग्य की बात है की ओबीसी वर्ग अब तलक इस निर्णायक उपलब्धि से अंजान है। कार्यक्रम के उद्घाटक कीरत राम कुल्हारा सेवानिवृत्त इंजीनियर जल संसाधन विभाग ने कहा कि जब 1990 में तत्कालीन प्रधानमंत्री ने ओबीसी वर्ग को 27% केंद्र के सरकारी नौकरियों में आरक्षण दिया तब जाकर ओबीसी वर्ग के कुछ लोगों का उद्धार हो पाया। देवांगन समाज की जिला दुर्ग अध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपाई मनोहर लाल देवांगन ने ओबीसी वर्ग के 95 जातियों के प्रमुखों को एक मंच पर आने के लिए अपील किया है। साहू समाज के जिलाध्यक्ष नंदलाल साहू जी ने कहा कि ओबीसी संयोजन समिति छत्तीसगढ़ ने ओबीसी वर्ग को कैडर प्रबोधन के माध्यम से जगाते हुए एक मजबूत संगठन का निर्माण कर रहें है इसके लिए हम सब को हर प्रकार की सहयोग देने के लिए तैयार रहने की आवश्यकता हैं।वरिष्ठ समाजसेवी एवं मरार पटेल समाज के प्रदेश सलाहकार ब्रह्मादेव पटेल ने कहा कि ओबीसी वर्ग का केवल राजनीतिक दल दुरुपयोग कर रहे हैं भय और लालच के माहौल में उनको राजनीतिक महत्वाकांक्षा का लालच दिखाकर गुलाम बनाकर रखा गया है ।ओबीसी वर्ग का मजबूत नेतृत्व नहीं होने की वजह से ओबीसी वर्ग के प्रतिनिधित्व के साथ में एक बहुत बड़ा षड्यंत्र हो रहा है,लेकिन अब ओबीसी संयोजन समिति छत्तीसगढ़ के बैनर पर सभी ओबीसी जातियां एकत्रित हो रही हैं और यह हम सबके लिए हर्ष का विषय है। गांव गांव में जाकर हम अपने ओबीसी भाई बहनों का जनजागृति करेंगे और एक मजबूत संगठन का निर्माण अपने इतिहास को बताते हुए करेंगे।कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष और दुर्ग संभाग प्रभारी एस एल साहू जी ने किया।उन्होंने भी ओबीसी वर्ग के 95 जातियों को एक मंच पर आने के लिए अपील किया,इसमें पसमांदा समाज के ओबीसी लोगों को भी साथ में आने के लिए अपील किया।संगठन के दुर्ग जिला युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष चेतन लाल साहू ने युवाओं को एकजुट करने पर प्रकाश डाला।कार्यक्रम में धिवर समाज के जिला उपाध्यक्ष धासूराम धीवर, संगठन के दुर्ग जिला प्रभारी अंकालू राम साहू ,विनोद कुमार सिन्हा,बसंत लाल,बीरेंद्र कुमार सोनबोइर,लक्ष्मण यादव दुर्ग जिला उपाध्यक्ष,हरीश कुमार साहू,देवेंद्र कुमार यादव,रामगुलाम साहू, एल आर साहू ,ईश्वर ढीमर,दीपक कुमार ढीमर, राजकुमार ढीमर,रोशन कुमार यादव आदि उपस्थित रहे।

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