ग्राम पतोरा में आरोपीगण महिलाएं द्वारा नवरंग कलानिकेतन तथा ओम साईं फैंसी ड्रेस संस्था की आड़ में पीड़िता और उसके परिवार से धोखाधड़ी की।
उतई. दूर्ग जिले के उतई थाना व मचांदुर चौकी के अन्तर्गत आने वाले ग्राम खोपली निवासी श्रीमतीं कांति वर्मा पति फागुराम वर्मा ने पुलिस अधिक्षक को लिखित में शिकायत की थी कि उनकी मुलाकात ग्राम पतोरा के नवरंग कला निकेतन की संचालिका खुशबू सिंह, सोभा साहू व श्रीमतीं पूनम नायक से उनके घर आने पर हुई थी। मेरे दोनों पुत्रों को पहले अपने स्कूल में नौकरी लगाने के नाम पर राशि की मांग की इसके बाद अपनी सस्था को इंदिरागांधी कला संगीत विष्वविद्यालय से सम्बद्ध होने की बात बताकर दोनों पुत्रों को नियमित नौकरी दे ,देने के नाम पर कुल 20 लाख रुपये ले लिये।लेकिन जब नवरंग कला निकेतन बंद हो गया। साथ ही मेरे पुत्रो को सरकारी नौकरी नही लगी तब पैसा की माग करने पर विभिन्न बैंक के चेक दिया गया।लेकिन चेक बाउंस हो गया। इस मामले को पुलिस अधिक्षक ने गम्भीरता से लेते हुए उतई थाना को निर्देशित किया।जिसके आधार पर धारा 420/34 कर तहत कार्यवाही करते हुये धोखाधड़ी करने वाली तीनो महिलाओ को जेल भेज दिया गया।प्रार्थीया श्रीमती कांतिबाई पति फागूराम वर्मा निवासी ग्राम खोपली के लिखित आवेदन प्रस्तुत किया कि छ0ग0 नवरंग कला निकेतन पतोरा कि प्राचार्य श्रीमती पूनम नायक एवं उनके दो अन्य सहयोगी सुश्री खुशबु सिहं एवं श्रीमती शोभा साहू के द्वारा प्रार्थीया के दो लडको को नौकरी एवज में दो वर्ष पूर्व 5 लाख रूपये लिया है एवं रकम दुगुना करने के एवज में 20लाख रूपये धोखाधडी कर लिया गया हैं । आरोपीगण के द्वारा हमारी संस्था छ0ग0 सरकार व इंदिरा संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ से मान्यता प्राप्त हैं और ओम सांई फैंसी ड्रेस का बहुत बडा व्यवसाय हैं, हम आपका पैसा एक साल में दुगुना कर देगें बताकर पैसो की मांग किये । प्रार्थीया द्वारा ग्राम की बी०सी० समिति से ब्याज में पैसा लेकर 10 लाख रूपये एवं 10 लाख रिश्तेदारों से लेकर आरोपिया गण को दिया गया। प्रार्थीया के रिपोर्ट पर थाना उतई में अपराध कमांक 153/2020 धारा 420,34 भादवि० का अपराध दर्ज किया गया।मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग अजय यादव, अति पुलिस अधीक्षक ग्रामीण लखन पटेल एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी पाटन आकाश राव गिरेपुंजे के मार्गदर्शन में, थाना प्रभारी उतई उप निरीक्षक सतीश पुरिया के नेतृत्व में टीम बनाकर प्रकरण के आरोपिया गण को भिलाई, पतोरा एवं रायपुर से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड में जेल भेजा गया, समस्त कार्यवाही में उपनिरीक्षक भूपेन्द्र ओंगरे, म0प्र0आर0 हेमलता वर्मा, प्र0आर0 नोहर आर्य म0आर0 घनिता आरक्षक मुकेश गजभिये, आरक्षक सी०पी, आरक्षक ओमप्रकाश श्रीवास, आरक्षक भीषम करैत की भूमिका सराहनीय रही है।
