देवरीबंगला / फाइलेरिया अभियान के तहत प्रत्येक गांव में दवा खिलाने के लिए बूथ बनाया गया है। फाइलेरिया अभियान के लिए मंगलवार को ब्लॉक स्तर पर मितानिन प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। फाइलेरिया अभियान 10 से 16 अगस्त तक चलाया जाएगा। 10 अगस्त को ग्राम के सभी ग्रामीणों को बूथ पर दवाई खिलाई जाएगी। इसके लिए दल का गठन किया गया है। सुपरवाइजर सेक्टर स्तर पर निगरानी करेंगे। बीडीओ गंधर्व ने बताया कि हाथी पाव बीमारी की रोकथाम के लिए प्रत्येक व्यक्ति को दवाई खाना आवश्यक है। विकासखंड में हाथी पांव बीमारी के 46 मरीज है। फाइलेरिया की दवा गर्भवती, 0 से 2 वर्ष के बच्चे तथा गंभीर बीमारी वाले व्यक्ति को दवाई नहीं खिलाना है। फाइलेरिया की दवा के साथ ही क्रीमी की दवाई एल्बेंडाजोल की गोली भी खिलाई जाएगी। अभियान के लिए 208 गांव की कार्ययोजना बनाई गई है। फील्ड के लिए दल का गठन कर उन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है। फाइलेरिया की दवा बूथ पर अधिक से अधिक लोग खाए इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने की आवश्यकता है। प्रशिक्षण में मितानिन कार्यक्रम की ब्लॉक समन्वयक शोभा शर्मा, स्वस्थ पंचायत समन्वयक नैन साहू, मितानिन प्रशिक्षक दीपमाला श्रीवास्तव, केशव शर्मा, परवीन बेगम, सीमा यादव, चंद्रप्रभा साहू, मधुसूदन करसेल, रोहित चुरेंद्र, अंकालूराम कोसमा, नीरा बड़ेद्र, संतोष निर्मलकर, प्रीतम साहू, सरिता साहू, प्रमिला ठाकुर, धर्मीन देशमुख, कुमारी ठाकुर, सरोज मेश्राम सहित मितानिन प्रशिक्षक उपस्थित थे।
बूथ पर मितानिन खिलाएंगी फाइलेरिया की दवा
