- छत्तीसगढ़ी संस्कृति को पहचान दिलाने सरकार पहल कर रही है-ताम्रध्वज साहू
रोशन सिंह@उतई ।नगर पंचायत उतई के दशहरा मैदान में स्थित बहुद्देशीय मंच में हरेली उत्सव सर्व छत्तीसगढीया समाज के बैनर तले हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जिसमें सर्वप्रथम कृषि औजारों को पूजा अर्चना पंडित अरविंद शर्मा द्वारा विधि विधान से किया गया। गाय बैलो को लोदी खिलाया गया खिलाने के पश्चात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और पानी टंकी में फलदार,छायादार पौधारोपण किया गया। पौधारोपण के बाद समाज प्रमुखों का सम्मान किया गया। तत्पश्चात बच्चों द्वारा छत्तीसगढ़ी गीतो पर एकल ,सामूहिक रिकॉर्डिंग नृत्य व सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दुर्ग ग्रामीण विधानसभा विधायक कैबिनेट मंत्री ताम्रध्वज साहू थे ।अध्यक्षता सर्व छत्तीसगढीया समाज अध्यक्ष मोतीलाल वर्मा ने किया। विशेष अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष डिकेद्र हिरवानी उपाध्यक्ष रविंद्र वर्मा थे।

मुख्य अतिथि ताम्रध्वज साहू ने कहा कि हरेली तिहार को किसानों का तिहार माना जाता है। छत्तीसगढ़ में आज से तिहार मनाने की शुरुवात होती है। विकास के साथ मानवता की विकास भी जरूरी है। छत्तीसगढ़ी संस्कृति को पहचान दिलाने राज्य सरकार पहल कर रही है। छत्तीसगढ़ी बोली भाखा तीज तिहार में बड़ी मिठास है। आज छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक का भी शुभारम्भ होने जा रहा है। यहां के खेलों में भी अपनत्व की भावना है। आप सभी गर्व के साथ छत्तीसगढ़िया संस्कृति को अपनाएं। मंत्री जी ने सभी को हरेली तिहार की बधाई व शुभकामनाए दी। आयोजक समिति द्वारा मुख्य अतिथि साहू को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।इस आयोजन में महिलाओं का कुर्सी दौड़, बालक,बालिकाओं का कबड्डी सहित विभिन्न खेलों का आयोजन हुआ,आयोजक समिति द्वारा कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों का नगद राशि के साथ प्रतीक चिन्ह भेंट किया। इस दौरान भीषम हिरवानी, प्रदेश कांग्रेस महामंत्री जितेंद्र साहू, भोला चंद्राकर, दिनेश साहू ,रोहित साहू, बहादुर नेताम, कुमार साहू, प्रहलाद वर्मा, राकेश साहू, तुलाराम साहू, प्रेमलाल पटेल ,भावेश साहू, धनंजय नेताम ,तोषण साहू, दिवाकर गायकवाड, प्रहलाद सिन्हा, सुरता सिंह ,बिरेंद्र गोस्वामी, शुभम बंभोले, सुमन साहू, विष्णु देशलहरे खूबी साहू थानसिंह गुरुपरख, कैलाश देवांगन, प्रेम नारायण साहू सहित बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन बहादुर नेताम ने किया।
