ए के गोयल स्कूल में हरेली त्यौहार और ग्रीन डे का आयोजन।

* एके गोयल पब्लिक स्कूल पाटन में हरेली और ग्रीन डे सेलिब्रेशन का आयोजन किया गया। जिसमें छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध और पहली त्यौहार हरेली धूमधाम से मनाया गया। जिसमें बच्चों ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति और तीज त्यौहार के बारे में जाना। कार्यक्रम की शुरुआत माता सरस्वती और छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा अर्चना और राजकीय गीत के साथ प्रारंभ हुआ। तत्पश्चात प्री प्राइमरी बच्चों के द्वारा आकर्षक फैंसी ड्रेस और अभिनय प्रस्तुत किया गया। छोटे-छोटे बच्चों ने विभिन्न वेशभूषा में रैंप वॉक किया। कक्षा पहली, दूसरी, तीसरी के बच्चों ने कविता गीत और भाषण प्रस्तुत किए तथा चौथी और पांचवी के छात्र-छात्राओं द्वारा मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति दी गई। कक्षा छठवीं और आठवीं के बच्चों के द्वारा छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध हरेली त्यौहार के ऊपर नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गई, जिसमें हरेली त्यौहार के दिन, कौन-कौन सी गतिविधियां की जाती है, उस को प्रस्तुत किया गया जिसमें कृषि औजारों की साफ-सफाई, चीला रोटी, नीम के पत्तों को घर के दरवाजों पर लगाना, कृषि औजारों की पूजा करना आदि अभिनय के द्वारा नृत्य नाटिका प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर बच्चों ने अपने घर से लाए पौधों को विद्यालय प्रांगण में और पौधारोपण किया तथा उसकी देखभाल करने की शपथ ली सभी बच्चे अपने टिफिन में छत्तीसगढ़ी व्यंजन लेकर आए थे जिसमें प्रमुख रुप से चौसला, चीला, गुलगुल भजिया, फरा, ठेठरी, खुरमी आदि का स्वाद लिया। इस अवसर पर बच्चों ने अपने घर से लाए गेड़ी का आनंद भी लिया। प्राचार्य देव लाल यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ अपने आप में विविध संस्कृति से परिपूर्ण हैं जिसमें बस्तर से लेकर सरगुजा तक छत्तीसगढ़ी भाषा बोली तीज त्यौहार व्यंजन आदि में विविधता पाई जाती है, फिर भी छत्तीसगढ़ी और छत्तीसगढ़ की संस्कृति सभी को बहुत प्यारा है, उन्होंने सभी बच्चों को अपनी संस्कृति तीज त्यौहार आदि का सम्मान और अपने जीवन में आत्मसात करने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर समस्त छात्र-छात्राएं एवं शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन निशा सोनी और आरती महानंद ने किया।

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