डुंडेरा स्कूल में प्राचार्य की मनमानी,प्राइवेट स्कूल के बच्चे सरकारी स्कूल में प्रवेश से वंचित

  • पालको का आरोप निजी स्कूल को लाभ पहुचाने का खेल

रोशन सिंह@उतई ।शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला डुंडेरा में एक निजी स्कूल से 8 वी पास बच्चों को 9 वी में एडमिशन नही दिया जा रहा है जिसके चलते बच्चों की भविष्य अधर में लटक गयी है,अपने बच्चों का भविष्य संवारने एडमिशन के लिए पालक एक हप्ते से अपने ड्यूटी छोड़कर स्कूल का चक्कर लगा रहे है, स्कूल पहुचे पालको का कहना है कि बच्चों को 8वी तक प्राइवेट हिंदी मीडियम स्कूल में पढ़ाये है अब आर्थिक स्थिति अच्छी नही होने के कारण सरकारी स्कूल में पढ़ाना चाहते है लेकिन स्कूल प्रशासन प्रवेश नही दे रहे है।प्रवेश के लिए एक हप्ते से स्कूल के चक्कर लगा रहे है जिस पर प्राचार्य व प्रभारी प्राचार्य द्वारा प्रवेश नही देंगे,निजी स्कूल में ही पढ़ाओ करके करके भगा दिया जाता है।शासकीय स्कूल में प्रवेश नही मिलेगा तो बच्चों का पढ़ाई आगे नही हो पाएगी।

वर्जन…..
‘ पालको को 6 जुलाई तक के लिए समय मांगा जा रहा है,शाला विकास समिति की बैठक के पश्चात बच्चो के एडमिशन पर चर्चा किया जाएगा,व्यवस्था के लिए राशि आहरण भी किया जाना है, पालको द्वारा जो आरोप लगाया जा रहा है वे पूरी तरह से निराधार है।किसी भी बच्चो को पढ़ाई व प्रवेश के लिए वंचित नही किया जा रहा है। कमरे के अभाव के कारण अभी हाई स्कूल की कक्षाएं मिडिल स्कूल के कमरे में संचालित हो रही है।’
सरिता मसीह प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डुंडेरा

शिक्षा का अधिकार के तहत सभी बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने का अधिकार है। गांव के ही बच्चे प्राइवेट हिंदी मीडियम से 8वी पास कर गांव के ही शासकीय स्कूल 9वी में प्रवेश चाह रहे है तो उन्हें प्रवेश मिलना चाहिए लेकिन स्कूल प्रशासन द्वारा निजी स्कूल को लाभ पहुचाने बच्चों को निजी स्कूल में प्रवेश देने दबाव बना रहे है जो कि सर्वथा अनुचित है,प्रवेश नही मिलने से बच्चों के भविष्य अधर में लटक गई है और पालको में आक्रोश की भावना पनप रही है।

तरुण बंजारे एल्डरमैन नगर निगम रिसाली

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