पाटन। विकासखण्ड पाटन कर ग्राम पंचायत पचपेड़ी एवं औंधी में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जे पी मेश्राम और जिला मलेरिया अधिकारी डॉ सी बी एस बंजारे खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ आशीष शर्मा के मार्गदर्शन में जून माह को मलेरिया निरोधक माह मनाने पंचायत संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
बीईटीओ व स्वास्थ्य सुपरवाइजर सैय्यद असलम ने बताया कि वर्षा ऋतु प्रारंभ होते ही मच्छरों की प्रजनन से बढ़ते हैं रूके पानी में मच्छर अंडे देते है इसलिए नालियों एंव जमे हुए पानी में जला आइल डलना चाहिए नलियो से पानी निकासी का रास्ता साफ होना चाहिए। मेडिकल आफिसर डा भुनेश्वर कठौतिया ने बताया कि मलेरिया के लक्षण कैसे पहचानें और क्या करें इसके कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता है इसलिए खून जांच कराए मलेरिया होने से उसका उपचार नहीं होने पर मृत्यु हो सकती है। सिरदर्द,उल्टी, बुखार और चक्कर आना इसका प्रारंभिक लक्षण है। लेडी हेल्थ विजिटर श्रीमती आर विश्वास ने कहा कि जागरूकता जरूरी है खून की कमी का एक कारण जिसे एनीमिया कहते हैं मलेरिया रोगी है। डा आशीष शर्मा बताते हैं मादा एनाफिलीज के काटने से होता है इसलिए बचाव मच्छरों से बचने मच्छर दानी का उपयोग,घरों में नीम पत्ती का धुआं,शाम के समय खिड़की दरवाजे को बंद करने से बहुत हद तक मलेरिया रोग से बचाव होता है उपस्थित नागरिक पंचायत समिति सदस्य सरपंच द्वारा जागरूकता के लिए दीवालो पर नारे लेखन, स्व-सहायता समूहों द्वारा जागरूकता रैली निकाली जाएगी। कार्यक्रम में सीनियर कंसल्टेंट एल एच व्ही श्रीमती ए दत्ता,जे डी मानिकपुरी, सीएचओ कु के वाणी,आर एच ओ श्रीमती वेगु गवेल जितेन्द्र पटेल सहित अन्य उपस्थित रहे।
