रायगढ़। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि पहली बार किसी सरकार द्वारा ऐसा आयोजन हुआ। इसमें कंबोडिया और इंडोनेशिया जैसे देशों ने हिस्सा लिया।
हम सब सुंदर कांड सुनते हैं। बाल कांड सुनते हैं।अरण्य कांड प्रकृति को लेकर है।जूरी के सदस्यों ने इस सोच की प्रशंसा की।हम नदियों की सुरक्षा के लिए कार्य कर रहे हैं। आज केलो में आरती कार्यक्रम हुआ। हम नरवा कार्यक्रम चला रहे हैं।अब नदियों को लेकर यह कार्य करेंगे ताकि यह बारहमासी हों।भगवान राम ने हमें सिखाया है कि कोई कार्य कठिन नहीं है। हम प्रकृति के संरक्षण के लिए कार्य करते रहेंगे।

जगमग दीप के साथ केलो मैय्या की महाआरती की भव्यता ने बनारस के गंगा घाट की याद दिला दी। ऐसा लग रहा था मानो गंगा मैय्या साक्षात् रायगढ़ की धरती पर उतर कर लोगों को भक्ति रस से सराबोर कर रही हो। इस अवसर पर केलो मैय्या के जयकारे के साथ पूरा घाट गुंजायमान हो गया और महौल भक्तिमय हुआ।
मुख्यमंत्री श्री बघेल के केलो महाआरती कार्यक्रम में पहंुचने पर स्थिति केलो उद्धार समिति और सर्व समाज के लोगों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। महाआरती कार्यक्रम में संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, विधायक चक्रधर सिंह, गौसेवा आयोग के अध्यक्ष राजेश्री महंत डॉ. रामसुन्दर दास सहित अनेक जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
