समयावधि में पूर्ण नहीं होने से बच्चों का पढ़ाई हो सकती है प्रभावित……
रोशन अवस्थी@देवभोग। छत्तीसगढ़ में 16 जून से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होने जा रही है। बच्चों की गर्मी छुट्टी 15 जून को खत्म हो रही हो रही है। इसके बाद रेगुलर क्लास लगने वाली है। इसकी तैयारी में शिक्षा विभाग पूरी तरह से जुड़ गया है। दो साल बाद समय पर स्कूल में पढ़ाई के आसार दिख रहे इसके लिए छात्रों व शिक्षकों की उपस्थिति जांचने हेतु एक महीने तक ओचक निरीक्षण हेतु टीम गठित किया गया है।
लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह हो सकती है कि क्या समय से पहले “मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना” अंतर्गत विकासखंड के समस्त स्कूलों में हो रहे मरम्मत व जीर्णोद्धार का कार्य पूर्ण हो सकता है। यह सबसे बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है।
बता दे” मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना “अंतर्गत देवभोग विकासखंड के 152 विद्यालयों में जीर्णोद्धार एवं उन्नयन हेतु 325 .62 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति हुई है। इसके लिए ग्रामीण यांत्रिकी सेवा को निर्माण एजेंसी के तौर पर नियुक्त कर ठेकेदारों को टेंडर दिया गया है। और स्कूल मरम्मत व जीर्णोद्धार के कार्य को कलेक्टर प्रभात मलिक ने 15 जून तक पूरा करने का आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं। इस योजना के तहत जिले के मुखिया ने शिक्षा विभाग व ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अधिकारियों को चल रहे स्कूलों के मरम्मत व जीर्णोद्धार कार्य के संबंध में जानकारी भी मांगी गई है।
देवभोग विकासखंड के 152 स्कूल में मरम्मत का कार्य कछुए की चाल पर……..
स्कूल खुलने का अब कुछ दिन ही शेष रह गए हैं और स्कूलों में चल रहे मरम्मत का कार्य वर्तमान में 20 से 25प्रतिशत तक ही हो पाया है। ऐसे में 16 जून से पहले कार्य पुरा होना संदेह बना हुआ है ।क्योंकि ठेकेदार के द्वारा कार्य में लगातर लापरवाही बरती जा रही है। जिसके चलते जिस तेजी से कार्य होना है उस तेजी से कार्य नहीं हो पा रहे। जिसका सीधा सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ सकती है। क्यो कि बहुत सारे स्कूलों को मरम्मत के नाम पर तोड़फोड़ दिया गया है ऐसे में समय में अगर कार्य पूर्ण नहीं हो पाता तो बरसात में मुसीबत का कारण बन सकती है । और इसका असर बच्चों की पढ़ाई में पड़ सकता है।
