मनरेगा श्रमिको को कार्यस्थल पर मजदूरी का नगद भुगतान होने से तिहरा लाभ


कांकेर. जिले में 08 कोरोना पॉजिटिव प्रकरण होने से जिला मुख्यालय के साथ साथ गांवो में भी पुनः लाकडाउन जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही है। ऐसे स्थिति में जिला पंचायत के सीईओ डॉ संजय कन्नौजे के मार्गदर्शन में बीसी सखियों के माध्यम से मनरेगा कार्यास्थल पर ही नगद मजदूरी देने का कार्य शुरू किया गया है। इससे पहले मनरेगा के श्रमिको को अपने खाते से मजदूरी की राशि निकालने के लिये अपना कार्य छोड़कर बैंक जाने में पूरे एक कार्य दिवस का नुकसान उठाना पड़ता था, साथ ही आने-जाने में परिवहन तथा भोजन, नास्ते का खर्च करने के साथ मानसिक परेशानी भी उठानी पड़ती थी, लेकिन जिले में बीसी सखी के द्वारा उन्हें कार्यस्थल में ही यह सुविधा दिये जाने से मनरेगा मजदूरो को तिहरा लाभ मिलने लगा है। कार्यस्थल पर ही मनरेगा की मजदूरी राशि मिल जाने से उनके समय, पैसे का खर्च और परेशानी तीनों से बचत हो रहा है। कांकेर जिले के सभी सात विकासखण्डों के दूरस्थ अंचलों में लेन-देन को सहज और सरल बना रही बीसी सखियां अब मनरेगा के कार्यस्थल पर ही मजदूरी का नकद भुगतान शुरू किया गया है। इसकी शुरूआत ग्राम मोदे, कोदागांव, बारदेवरी, उरैया आदि ग्रामों से की गई है, जिसे धीरे-धीरे बढ़ाया जा रहा है।
कलेक्टर कांकेर के.एल. चौहान के निर्देशानुसार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना और दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान को साथ जोड़कर ग्रामीण जन जीवन को सहूलियत प्रदान करने का कार्य किया जा रहा है। लाकडाउन के दौरान बैंकिंग क्षेत्र में ग्रामीणों को सहूलियत देते हुये बैंक सखी और डीजीपेय के माध्यम से 02 माह के अवधि में मनरेगा श्रमिको को 02 करोड़ 80 लाख राशि से ज्यादा की राशि मनरेगा श्रमिको को भुगतान किया गया है।
सीईओ जिला पंचायत डॉ संजय कन्नौजे ने कहा कि सभी वनांचल एवं सूदूर अंचलों में बैकिंग एक कठिन समस्या के रूप में बनी हुई थी। जिसका निदान अब बीसी सखी के रूप में जिले में स्थापित हो रहा है। जिले में वर्तमान में 60 बीसी सखी व 50 डीजीपेय कार्यरत है। सीईओ डॉ कन्नौजे ने गत दिवस कोदागांव में मनरेगा के तहत तालाब गहरीकरण कार्य मे लगे श्रमिको को कार्यस्थल पर बीसी सखी दिव्या सेन द्वारा कार्यस्थल पर जाकर 26 मजदूरों जैसे जीवन लाल, कुन्ती बाई, रेणुका, अशोक, सोनसिंह आदि को 46 हजार रूपये नगद भुगतान किया गया। इसी प्रकार कांकेर विकासखण्ड के ग्राम मोदे की बीसी सखी अहिल्या नाग द्वारा कार्यस्थल पर जाकर मनरेगा श्रमिक केशर साहू, सावित्री, हेमलता, रूपा आदि को उनकी मांग के अनुरूप लगभग 32 हजार रूपये नगद मजदूरी भुगतान उनके खाते से निकाल कर प्रदान किया। सीईओ जिला पंचायत डॉ संजय कन्नौजे ने बताया कि आधार आधारित खातो के संचालन के लिये केवल मजदूरो से उनकी खाता जिस बैंक में की जानकारी ली जाती, तथा उनका आधार नम्बर उसके बाद अंगुलियो के निशान लेकर उके खाते से पैसा निकालकर मनेरगा मजदूरो को कार्यस्थल पर ही मनरेगा राशि का नगद भुगतान करने से उनमें काफी खुशी का माहौल है। उन्होंने बताया कि मास्क लगाकर मनरेगा का कार्य किया जा रहा है, साथ ही सोशल डिसटेंस का भी पालन किया जा रहा है। जिले में इस नई पहल से मनरेगा श्रमिको में खुशी व उत्साह का माहौल है।

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