छुरा @@@@@आई. एस. बी. एम. विश्वविद्यालय नवापारा (कोसमी) छुरा, जिला- गरियाबंद छत्तीसगढ़ में विज्ञान संकाय द्वारा राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की पूजा अर्चना कर किया गया। सेमिनार का विषय द केमिस्ट्री ऑफ होप – रेमेडीज टू मिनिमाइज द एन्वाइरन्मेंटल पॉल्यूशन था। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता आई सी एफ ए आई विश्वविद्यालय के रिसर्च सेल संयोजक तथा रसायन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ प्रतीक के जगताप जी थे। आई एस बी एम विश्वविद्यालय के कुल सचिव डॉ बी पी भोल ने अपने वक्तव्य में कहा कि बढ़ता प्रदूषण वर्तमान समय की एक सबसे बड़ी समस्या है, जो आधुनिकीकरण और शहरीकरण रूप से उन्नत समाज में तेजी से बढ़ रहा है। इस समस्या से समस्त विश्व अवगत तथा चिंतित है। प्रदूषण के कारण मनुष्य जिस वातावरण या पर्यावरण में रहा है, वह दिन-ब-दिन खराब होता जा रहा है। डॉ प्रतीक ने अपने वक्तव्य में पर्यावरण प्रदूषण के कारण, प्रभाव तथा प्रदूषण नियंत्रण के बारे में सारगर्भित व्याख्यान दिए। उन्होंने बताया कि ज्यों-ज्यों मानव सभ्यता का विकास हो रहा है, त्यों-त्यों पर्यावरण में प्रदूषण की मात्रा बढ़ती ही जा रही है। इसे बढ़ाने में मनुष्य के क्रियाकलाप और उनकी जीवनशैली काफी हद तक जिम्मेवार है। सभ्यता के विकास के साथ-साथ मनुष्य ने कई नए आविष्कार किए हैं जिससे औद्योगीकरण एवं नगरीकरण की प्रवृत्ति बढ़ी है। जनसंख्या वृद्धि भी प्रदूषण के सबसे बड़े कारणों में से एक है। जनसंख्या वृद्धि के कारण मनुष्य दिन-प्रतिदिन वनों की कटाई करते हुए खेती और घर के लिए जमीन पर कब्जा कर रहा है। खाद्य पदार्थों की आपूर्ति के लिए रासायनिक खादों का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे न केवल भूमि बल्कि, जल भी प्रदूषित हो रहा है। यातायात के विभिन्न नवीन साधनों के प्रयोग के कारण ध्वनि एवं वायु प्रदूषित हो रहे हैं। डॉ प्रतीक ने पर्यावरण संरक्षण के बारे में बताते हुए कहा कि हमें ऐसी तकनीक का विकास करना होगा, जिससे यातायात के साधनों द्वारा प्रदूषण न फैले। सबसे अहम बात यह है कि हम मनुष्यों को अपनी पृथ्वी को बचाने के लिए सकारात्मक सोच रखनी होगी तथा निःस्वार्थ होकर पर्यावरण प्रदूषण से बचने के लिए कार्य करना होगा। कार्यक्रम के अंत में विज्ञान संकाय के विभागाध्यक्ष डॉ अरुण कुमार सिंह द्वारा सभी के प्रति आभार ज्ञापित किया गया इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के समस्त छात्र छात्राएं एवं समस्त प्राध्यापकगण उपस्थित रहे।
विज्ञान संकाय के द्वारा राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया
