लाल ईंट का काला कारोबार चल रहा धड़ल्ले से,,,,, इस अवैध कार्य की जानकारी के बावजूद अफसर नहीं कर रहे कार्रवाई

खबर हेमंत तिवारी राजिम /छुरा – इन दिनों जिला मुख्यालय गरियाबंद , ब्लॉक मुख्यालय फिंगेश्वर और ब्लाक मुख्यालय छुरा सहित आसपास ग्रामीण अंचल में अवैध रूप से लाल ईंट के भट्‌ठे का काला कारोबार धड़ल्ले से चलाए जा रहे हैं। इन अवैध ईंट भट्ठों पर कार्रवाई न होने से ईंट भठ्ठा संचालकों के हौसले बुलंद हैं। कार्रवाई नही होने से बीते कुछ वर्षों में इस अवैध कारोबार का ग्राफ बढ़ता ही जा रहा है। इन दिनों ग्रामीण क्षेत्रों में ईंट भट्ठे का अवैध कारोबार तेजी से फलफूल रहा है। जगह-जगह लाल ईंटों का निर्माण किया जा रहा है। यह अवैध ईंट निर्माण ज्यादातर रूप में सरगी नदी, सूखा नदी, पैरी नदी के तट पर निर्माण किया जा रहा है। जिससे नदियों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। वही ईंट को पकाने के लिए बेशकीमती पेड़ों की भी कटाई की जा रही है। कुछ संचालकों द्वारा ईंट निर्माण से लेकर उसे पकाने तक शासकीय भूमि का इस्तेमाल कर रहे हैं तो वही कुछ लोग सिर्फ ईंट को पकाने के लिए शासकीय भूमि का उपयोग किया जा रहा है। इसीतरह कुछ लोग शासकीय भूमि के मिट्टी को खोदकर कच्चे ईंट निर्माण कर अन्य लोगो से मोटी रकम लेकर बेचा जा रहा है। जिसे खरीदने वालों द्वारा शासकीय जमीन पर बड़ी बड़ी भट्ठा तैयार कर पकाकर बेचा जा रहा है। शासकीय जमीन पर बड़े पैमाने पर ईंट निर्माण किये जाने से जमीन खेत का शक्ल ले लिया है। जिसे उन्ही लोगो के द्वारा अवैध कब्जा कर कुछ वर्षों बाद फसल लेना शुरू कर देते हैं। इस सबकी जानकारी होने के बावजूद विभागीय अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय हाथ पर हाथ धरे हुए बैठे हैं। ब्लॉक के प्रत्येक गांव में एक न एक ईंट भट्ठा धधक रहा है। इन भठ्ठों से न केवल शासन को राजस्व की हानि हो रही है, बल्कि आसपास का वातावरण भी प्रदूषित हो रहा है। ब्लॉक मुख्यालय फिंगेश्वर सहित क्षेत्र के बिजली, मड़वाडीह, लोहरसी, तरीघाट, कुंडेल, सिर्री, खुटेरी, कोपरा सोनासिल्ली, लचकेरा , कुटेना, सरकड़ा,नांगझर देवरी ,खरखरा तुमगाव ,ददरगाव कारकरा ,जिले के सैकड़ों गांवों में लाल ईंट भट्ठों का संचालन हो रहा है। इससे कृषि जमीन र्ईंट भट्ठा से तपकर बंजर हो रही है। वही कुछ लोग शासकीय भूमि में ईंट भट्ठा बनाकर पकाया जा रहा है। बावजूद इसके गांव के जनप्रतिनिधि और अधिकारी खामोश बैठे हैं। वही ब्लॉक मुख्यालय के समीपवर्ती ग्राम मड़वाडीह में सरगी नदी के तट पर ही जमीन सुधार के नाम पर व कुम्हारी व्यवसाय का हवाला देते हुए बेधड़क लगभग 10 लाख से अधिक की तादाद में अवैध ईंट का निर्माण कर बेचा जा रहा है। जब ईंट भट्ठा स्थल पर पहुंचे तो देखा कि उक्त जगह पर बड़ी तादाद में ईंट निर्माण कर उसी स्थल पर ही आधा दर्जन से ज्यादा ईंट भट्ठा पिरामिड के रूप में रचकर पकाया जा रहा है।जबकि जिले में केवल एक चिमनी ईट भट्टा संचालन का परमिशन है ।बाकी सब अवैध है। वही कुछ ईंट भट्ठा अपने सारे ईट बिक्री भी कर चुके हैं, और नए नए, नए ईट भट्ठा तैयार किया जा रहा है।और।प्रतिबंध के बाद भी लाल ईंट का शासकीय कार्यों में हो रहा उपयोग- जबकि लाल ईंट इस्तेमाल पर पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है। इसके बाद भी सरगी नदी, सूखा नदी, पैरी नदी के किनारे अवैध रूप से र्ईंट भट्ठे संचालित किए जा रहे हैं। ईंटों को पकाने के लिए अधिकांश भट्ठा संचालक हरे भरे पेड़ों का इस्तेमाल कर रहे हैं।साथ ही चोरी की बिजली का इस्तेमाल भी हो रहा है । वही लाल ईंट बनाने के लिए काफी मात्रा में पानी की जरूरत होती है, जो कृषि बोर पंप और नदियों से लिया जाता है। क्षेत्र में ज्यादातर ईंट भठ्ठा नदी या तालाब किनारे ही संचालित हैं। जिला गरियाबंद के ये निम्न विभाग इस अवैध कारोबार को फूलने फलने में खुला सहयोग प्रदान कर रहे हैं । जिसमे बात की जाय तो सबसे जायदा सहयोग खनिज विभाग का है जो जानते हुए भी कार्यवाही नहीं कर रहा है।,राजस्व विभाग अपने सरकारी जमीन को दे रखे हैजिसमे ईट बन रहा और पका रहा हैं। ,बिजली विभाग चोरी की बिजली देकर सहयोग कर रहा , वन विभाग अपने जंगल के हरे भरे लकड़ी कटवा कर तो सिंचाई विभाग नदी नाला का पानी देकर इस प्रकार ये सभी विभाग अपनी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं ।जो इन लाल ईट निर्माण करने वाले ठेकेदार को सहयोग प्रदान कर रहे हैं ।और इनके बदले इनको क्या सहयोग मिलता होगा ये तो वही जानेंगे ।। ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,इस संबंध में अपर कलेक्टर अविनाश भोई से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि जल्द ही इन अवैध ईंट भट्ठों पर माइनिंग विभाग के अधिकारियों को बोलकर कार्रवाई करवाता हूं।

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