डॉ. भीमराव अंबेडकर के 132वे जयंती में उमड़ा जन सैलाब निकाली भव्य रैली…..

रोशन अवस्थी@देवभोग । संविधान निर्माता युग, पुरुष स्वतंत्र भारत के प्रथम विधि व न्याय मंत्री डॉ भीमराव अंबेडकर का आज पूरे भारत वर्ष में बड़ी धूमधाम से 132 वे जयंती मनाया गया ।इस कड़ी में गरियाबंद जिले के देवभोग ब्लॉक में भी प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी बाबा साहब अंबेडकर की 132वे जयंती को बड़े धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। लोगों का भारी उत्साह व उमंग देखने को मिला। तपती धूप में हजारों की भीड़ में बाबा साहब के प्रति जन सैलाब इस बात का प्रतीत है । कि इस तपती धूप में भी हजारों के तादात में लोग इकट्ठा होकर बाबा के जयकारा लगाने में नहीं चूके।

देवभोग मुख्यालय में सबसे पहले बाबा साहेब की प्रतिमा को सर्व प्रथम पूजा अर्चना की गई तत्पश्चात समुदायिक भवन से रैली निकलते हुए पूरे देवभोग नगर तक रैली निकाली गई ।इस रैली में हजारों के तादाद में लोग दूर दराज से पहुंचे। देवभोग ब्लॉक व मैनपुर ब्लॉक के हजारों लोग इस विशालकाय रैली में सम्मिलित हुए।बाजे गाजे व डीजे के धुन में लोग इस तपती धूप में भी खड़े होकर बाबा का जयकारा लगाने से नहीं चूके।
बाबा साहब के 132 वे जयंती मैं देवभोग क्षेत्र के समाज के हर एक वर्ग के लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिए। खासकर अनुसूचित जाति ,जनजाति व पिछड़े वर्ग व अल्पसंख्यक के लोगों ने बड़ी एकजुट होकर एकता का परिचय दिया ।और बड़े उत्साह और उमंग के साथ एक दूसरे के साथ कंधे से कंधा मिलाते हुए जय भीम का नारा लगाते रहें।

बता दे प्रतिवर्ष 14 अप्रैल को बाबा साहब अंबेडकर के जन्मदिवस को ही अंबेडकर जयंती के रूप में बड़ी धूमधाम से पूरे भारत वर्ष में मनाया जाता है ।भारती बहुय्ग्य, विधि वेत्ता, अर्थशास्त्री , राजनीतिज्ञ, समाज सेवक , जिन्होंने दलित बौद्ध आंदोलनों को प्रेरित किया और अछूतों से सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध अभियान चलाया, श्रमिक, महिलाऔ किसानों के अधिकारों का समर्थन किया । ये स्वतंत्र भारत के प्रथम विधि व न्याय मंत्री भारतीय संविधान के जनक भारतीय गणराज्य के निर्माता में से एक है। अंबेडकर जो है विपुल प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने अपने आप में एक डिग्री धारण की थी। सभी विषयों के ज्ञान उनके अंदर समाई हुई थी। भीमराव अंबेडकर एक महान अर्थशास्त्री थे जिन्होंने दलितों के लिए अपने आप में भगवान का रूप धारण करते हुए दलितों के लिए एक मसीहा बनकर सामने आए। जिसके चलते 14 अप्रैल को बड़ी धूमधाम से बाबा साहब अंबेडकर के जन्मदिन को ही हो जयंती के रूप में पूरे भारतवर्ष में मनाया जाता है ।इस रैली में लोगों ने नीले रंग की पट्टी सिर पर बांधकर दृढ़ संकल्प लेकर डीजे बाजे गाजे के साथ कंधे से कंधा मिलाकर एकता का परिचय दिए। डीजे बाजा इसका आकर्षण केन्द्र बना हुआ था।

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