- किटनाशक दवाई से प्यासे तेन्दुआ का किया शिकार
- सिटी कोतवाली गरियाबंद और स्पेशल टीम की संयुक्त कार्यवाही
लोकेश्वर सिन्हा@गरियाबंद। मामला सिटी कोतवाली गरियाबंद क्षेत्र के ग्राम बारूला पैरी नदी पुल का है। जिला गरियाबंद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित तुकाराम काम्बले के दिशा-निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चन्द्रेश सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस गरियाबंद पुष्पेन्द्र नायक के पर्यवेक्षण में समस्त थाना प्रभारियों को अपने अपने क्षेत्र में अवैध रूप से शराब, गांजा, हीरा तथा बहुमुल्य जीव जन्तुओं के तस्करी पर रोक लगाने तथा वैधानिक कार्यवाही करने हेतु निर्देश किये थे साथ ही साथ क्षेत्र में विशेष पेट्रोलिंग हेतु स्पेशल टीम को भी भ्रमण करने के निर्देश दिये थे। इसी कड़ी में सिटी कोतवाली गरियाबंद एवं स्पेशल टीम के द्वारा संयुक्त रूप से भ्रमण दौरा के दौरान मुखबीर से सूचना मिला कि तीन व्यक्ति अवैध रूप से संरक्षित वन्य जीव तेन्दुआ के खाल को बिक्री करने के लिए ग्राहक की तलाश करते हुए जिला मुख्यालय के नजदीक ग्राम बारूला के पैरी नदी के पास घुम रहे हैं।

उक्त सूचना के आधार पर टीम द्वारा रेड कार्यवाही कर तीनों संदेहियों से नाम पता पुछने पर अपना अपना नाम महेत्तर राम ठाकुर पिता स्व० बरातुराम ठाकुर उम्र 62 साल निवासी कोपेकसा, थाना पीपरछेड़ी, दूसरा व्यक्ति धनसिंग नेताम पिता स्व0 बृजलाल नेताम उम्र 43 साल निवासी सुखरीडबरी कोपेकसा, थाना पीपरछेड़ी व तीसरा व्यक्ति लेखराम साहू पिता स्व0 जैनराम साहू उम्र 30 साल निवासी सेमरा थाना छुरा जिला गरियाबंद का बताये जिसके बाद मौके पर पुछताछ करने पर अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताये कि महेत्तर राम ठाकुर ने तेन्दुआ को खेत के सके गढ्ढे के पानी मे किटनाशक जहर देकर मारना तथा अन्य साथी धनसिंग नेताम व लेखराम साहू के साथ मिलकर खाल को निकालकर नमक डालकर सुखाना और तेंदुवे के दांत, नाखुन, मुंछ व अस्थिपंजर को जलाकर नष्ट करने की बात बताये तथा खाल को एक सफेद रंग की बोरी में डाल कर धनसिंग नेताम और लेखराम साहू के साथ पैरी नदी बारूला पुल नीचे छुपाकर रखने की जानकारी दिये। वही घटना स्थल पर ही गवाहों की उपस्थिति में नियमानुसार कार्यवाही करते हुए आरोपियों से मौके पर ही एक नग तेन्दुआ का खाल, एक नग लोहे का टंगिया तथा एक नग लोहे की छुरी को जप्त कर सीलबंद किया गया। आरोपियों के खिलाफ धारा 9, 39 ( 2 ) ( 3 ), 49 (ए), 49 (बी), 50, 51 भारतीय वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972, धारा 3 लोक सम्पत्ती का नुकासानी का निवारण अधिनियम 1984 तथा धारा 120-बी भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया तथा गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड में माननीय न्यायालय पेश किया गया है।
