पाटन। एनएसयूआई के जिला उपाध्यक्ष उमाशंकर निर्मलकर ने एनएसयूआई की बढ़ती लोकप्रियता एबीवीपी को रास नहीं आने का आरोप लगाया है निर्मलकर ने कहां है कि एबीवीपी छात्रों के बीच निरंतर अपने झूठे तथ्यों को रख रही है।हमारे प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने मुख्यमंत्री से जनरल प्रमोशन एवं बोनस अंक को लेकर मुलाकात की थी।एनएसयूआई की मांग है कि स्नातक शिक्षा मे प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के छात्रों को जनरल प्रमोसन दिया जाए।जिन छात्रों की परीक्षा सेमेस्टरवार होती है उन्हें भी प्रथम व द्वितीय वर्ष के विषम सेमेस्टर मे जनरल प्रमोसन दिया जाए । तृतीय वर्ष मे अध्ययनरत छात्रों को परीक्षा में बोनस अंक देने की मांग की गई है। छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए,जिससे किसी भी छात्र की डिग्री पर असर नहीं पड़ेगा, सरकार से एनएसयूआई ने नव प्रणाली बना कर आधारगत जनरल प्रमोसन देने की मांग की है। चिकित्सकी, तकनीकी और पेशेवर शिक्षा का अध्ययन कर रहे छात्रों को शिक्षा नीति में राहत देने की बात की गयी है न की जनरल प्रमोसन।
निर्मलकर ने कहा है कि अध्ययनरत महाविद्यालय और विश्वविद्यालय से विपरीत जिलों में निवासरत छात्र इस महामारी में कैसे यात्रा करेंगे। हॉस्टल एवं पीजी में रहने वाले छात्र भी अपने घर जा चुके हैं । छात्रों द्वारा बात सामने आई है कि उनकी पुस्तकें हॉस्टल पीजी में छूट गई है। तो वे अधययन कैसे करें। रही बात 15साल के कुशाशन में बिगड़ी शिक्षा व्यवस्था में सुधार आना शुरु हो चुका था, इस महामारी ने कदम रख दिया। छात्रों के लिए ऑनलाइन पोरटल प्रारंभ हुए है पर कुछ छात्रों के लिए विभिन्न कारणों से अध्ययन करना असम्भव हो गया है। यह बात हर कोई जानता है कि एक छात्र परीक्षा की तैयारी किस प्रकार करता है और यह समय पूर्णता से परीक्षा के लिए सम्भव नहीं है। एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि राजनीतिक सुर्खियों में आने के लिए एबीवीपी इस प्रकार की हरकत कर रही है। झूठ फैलाने का काम तो इनकी विचारधारा में ही है। एनएसयूआई छात्रों के हर कदम साथ है और जनरल प्रमोसन से किसी भी छात्र के भविष्य पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा। यू.जी.सी. द्वारा जारी दिशा निर्देशों में परीक्षाओं एवं नए सत्र को प्रारम्भ करने का उल्लेख है, परंतु तैयारी के बिना कैसे परीक्षा देंगे छात्र।
