कौशल्या अकादमी का स्कॉलरशिप कार्यक्रम “उम्मीद” कोरोना से उपजी निराशाओं के बीच उम्मीद की एक किरण

रायपुर.कोविड-19 के वैश्विक महामारी घोषित होते ही विश्व के अलग-अलग देशों ने रोकथाम हेतु कदम उठाने शुरू कर दिये थे। देश की सरकार ने भी कोरोना संक्रमण को रोकने के लिये 25 मार्च से लॉकडाउन घोषित कर दिया। जिसके फलस्वरूप कई छोटे व्यापारियों का बहुत नुकसान हो गया, कई लोगों की नौकरियां तक गईं, आय अचानक रुक गई। लोगों के बचत किये पैसे खर्च होने लगे। इसका असर प्रोफेशनल एजुकेशन का सपना बुने बैठे छत्तीसगढ़ के महत्वाकांक्षी बच्चों की उम्मीदों पर भी पड़ा। इनके अलावा भी अनेक स्टूडेंट्स ऐसे हैं जो आर्थिक तंगी के कारण नीट, आईआईटी-जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के बारे में सोच भी नहीं पाते। छत्तीसगढ़ के ऐसे ही होनहार बच्चों को समर्पित है, स्कॉलरशिप कार्यक्रम- उम्मीद।
कौशल्या अकादमी के कार्यक्रम उम्मीद के लिये पूरे छत्तीसगढ़ से टॉप 40 स्टूडेंट्स का चयन किया जाएगा। ये वह छात्र होंगे, जो नीट, आईआईटी-जेईई जैसी परीक्षाओं को पास कर उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं। स्कॉलरशिप कार्यक्रम ‘उम्मीद’ के लिए स्टूडेंट्स का चयन प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से किया जाएगा। इन 40 बच्चों को निःशुल्क नीट, एम्स, आईआईटी-जेईई परीक्षा की तैयारी कराई जाएगी। ‘उम्मीद’ कार्यक्रम उन बच्चों के लिये मददगार साबित होगा जो आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई पूरी नहीं कर पाते हैं और कुशल मार्गदर्शन से वंचित रह जाते हैं।

छत्तीसगढ़ के छात्रों के लिये बेहतरीन विकल्प ‘कौशल्या अकादमी, रायपुर

छत्तीसगढ़ के सैकड़ों बच्चे कोटा व अन्य राज्यों में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिये गये थे। वे लॉकडाउन में फँसे रह गये, जिन्हें बाद में राज्य सरकार की पहल पर वापस लाया गया। उनके सामने भी दुविधा की स्थिति है कि वो क्या करें। कोटा वापस जा पाएंगे या नहीं,आगे की तैयार कैसे होगी, इन प्रश्नों के बीच कौशल्या अकादमी प्रदेश के छात्रों के लिये बेहतरीन विकल्प है। “उम्मीद” कार्यक्रम उन होनहार छात्रों के लिये एक अवसर की तरह है जो प्रतियोगी परीक्षाओं के लिये उचित मार्गदर्शन चाहते हैं लेकिन धनाभाव के कारण चूक जाते हैं।

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