(वृंदा देवी दरबार आगेसरा मे जारी श्रीरामकथा के पांचवें दिन पुष्प वाटिका में राम और माली संवाद की कथा हुई )
जामगांव आर@ मनीष चंद्राकर-राम के बिना जीवन में आराम नहीं मिल सकता है रामकथा सभी के जीवन को आनंद और शांति प्रदान करने वाली है,राम जी की कथा से चित्त निर्मल होता है उक्त बातें वृंदा दरबार आगेसरा मे जारी श्रीरामकथा ज्ञानयज्ञ में मानस कोकिला डॉ सुधा पांडे ने कही ! माँ वृंदा देवी प्रचार समिति द्वारा वृंदा देवी मंदिर प्रांगण में आयोजित नौ दिवसीय रामकथायोजन में पांचवे दिन काशी बनारस निवासी कथावाचिका डॉ सुधा ने ब्रह्मर्षि विश्वामित्र के साथ मिथिला प्रवेश और पुष्प वाटिका के प्रसंग पर चर्चा करते हुए बताया कि मानस में दो वाटिका है एक पुष्प वाटिका और दूसरा अशोक वाटिका,एक राजा जनक की वाटिका है दूसरा रावण की वाटिका है उन्होंने बताया कि अशोक वाटिका देह की वाटिका है और पुष्प वाटिका विदेह की वाटिका है एक मे सीताराम का वियोग है तो दूसरा रामजानकी के मिलन की वाटिका है ,उन्होंने आगे बताया कि भगवान श्री राम गुरू की आज्ञा से पूजा हेतु वाटिका से फूल लाने गये वहां माली भगवान श्रीराम से कह रहे हैं कि आपके हाथ कमल के फूल से भी कोमल हैं,इन हाथों से आप कैसे फूल तोड़ पाएंगे. हम माली ही फूल तोड़ कर आपको दे देते हैं. उधर प्रभु स्वयं ही अपने हाथों से फूल तोड़ने की बात कह रहे थे.

उनका कहना था कि गुरु सेवा का धर्म उन्हें निभाना है ऐसे में वह अपने हाथों से फूल तोड़ेंगे. मालियों ने श्रीराम को वैदेही की जय कहने को कहा जिसे प्रभु ने रघुकुल की शान के विरुद्ध माना और ऐसा करने से इंकार कर दिया. हालांकि, बाद में कोई चारा नहीं चलता देख हार मानकर श्रीराम ने जनकपुर के निवासियों एवं जनक पुत्री के जयकारे लगाये. जयकारे के बाद मालियों ने प्रभु को वैदेही वाटिका में फूल तोड़ने को छूट दे दी,उधर मालियों ने मन ही मन श्री राम को वैदेही का वर मान लिया था ! इस दौरान आयोजन समिति के अध्यक्ष संपत लाल साहू,पूर्व विधायक डॉ दयाराम साहू,जिपंस केदार देवांगन,प्रदेश साहू संघ उपाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण साहू,पूर्व जनपद सदस्य सरजुराम साहू,संतराम साहू,विजय कुमार सोनी,धनराज साहू,कन्हैयालाल साहू,अमित अग्रवाल,गजेंद्र साहू,कामता पटेल,हलधर महमल्ला,गयाराम साहू,प्राणनाथ साहू,राजकुमार साहू,रेवाराम साहू तीरथ पटेल,उधोराम साहू,सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे !
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