सरगीपारा शाला मे पदस्थ शिक्षकगण समय से पहले हुए नदारद

  • परीक्षा सर पर उसके बाद भी अपने कर्तव्य के प्रति जिम्मेदारी नही

खबर हेमंत तिवारी…

छुरा(पाण्डुका ) …जिले में लगातार शिक्षा विभाग इन दिनों मीडिया जगत के सुर्खियों पर है। ऐसे में छुरा ब्लॉक अछूता रहे ऐसा हो ही नहीं सकता ।ऐसा ही एक मामला गरियाबंद जिले के छुरा विकासखंड के ग्राम सरगीपारा में स्थित प्राथमिक शाला एवं पूर्व माध्यमिक शाला के पदस्थ शिक्षकों का है । जो स्कूल समय के लगभग एक घंटे पहले ही अपने मनमर्जी से छात्र छात्राओं को मध्यान भोजन करा कर स्कूल बंद कर नदारद हो गए।


स्कूल को समय से पहले बंद देख पहुंचे मिडिया के टीम ने जानकारी लेते हुए ग्रामीणों से पूछ ताछ किया गया तो उन्होंने ग्रामीणों ने बताया की यह स्कूल तो लगभग 3 बजे आस पास बंद कर दिए गए हैं । इसके बाद रसेला संकुल समन्वयक त्रिलोक ध्रुव से जानकारी लिया गया तो उन्होंने बताया कि इस सम्बन्ध मे मुझे सूचना प्राप्त नहीं हुआ है अगर ऐसा है तो मैं जानकारी लेता हूं कहा गया तत्पश्चात दोनों स्कूल के प्रधान पाठकों से भी फोन के माध्यम से पक्ष जानने को संपर्क किया गया लेकिन अपनी गलती छुपाने के लिए गोलमोल का जवाब देते हुए कहा कि आज प्रशासनिक छुट्टी है या नहीं यह जानकारी नहीं है और इसी के चलते बच्चों का छुट्टी कर दिया गया।

ऐसे ही शिक्षक शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार को बदनाम करने में तुले हुए हैं ऐसे ही कुछ शिक्षक ना जाने जिले में कितने स्कूलों में है जो समय से पहले स्कूल से नदारत हो जाते हैं इन गैर जिम्मेदार शिक्षकों पर कब होगी कड़ी कार्रवाई? जिसके सुधार होने से छात्र छात्राओं की पढ़ाई में सुधार होगा।

छुरा ब्लॉक के शिक्षा अधिकारी के एल मतावले के निर्देश के बाद भी ऐसे लापरवाह और गैर जिम्मेदार शिक्षक अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं बड़ा सवाल बच्चों के परीक्षा का समय है और शिक्षकों को अपनी मनमानी रवैया से फूर्सत नहीं, कब होगी इन गैर जिम्मेदार शिक्षकों के ऊपर कार्यवाही ऐसे बेलगाम शिक्षकों के ऊपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए,ताकि सरकारी स्कूलों के शिक्षा और गुणवत्ता में सुधार हो। पर ब्लॉक मुख्यालय के अधिकारी द्वारा केवल नोटिस जारी कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ दिया जाता है ।

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